भावांतर योजना में प्याज की खरीदी शुरू, पहले दिन 500 क्विंटल की हुई आवक
कृषि उपज मंडी में ही सब्जी मंडी का संचालन हो रहा हैं। यहां पर बुधवार से भावांतर योजना के अंतर्गत प्याज की खरीदी शुरू हुई। प्रथम दिवस ज्यादा किसान प्याज लेकर नहीं पहुंचे। आगामी दिनों में आवक बढ़ेगी। पहले दिन यहां केवल 7 ट्राॅली में करीब 500 क्विंटल प्याज की आवक हुई। भाव 2 से लेकर 5.50 रु. किलो तक रहे। शासन द्वारा औसत मूल्य के आधार पर भावांतर की राशि किसानों को दी जाएगी, हालांकि कितनी राशि दी जाएगी इस पर अभी संशय है।
मंडी में खरीदी प्रारंभ होने के साथ ही प्याज की भारी मात्रा में आवक होने की उम्मीद पहले दिन से ही थी लेकिन अपेक्षा के अनुरुप बहुत कम किसान यहां पहुंचे। सब्जी मंडी प्रभारी मांगीलाल बर्फा ने बताया केवल 7 ट्राॅली प्याज आया। भाव भी बहुत कम रहे।
गौरतलब है कि गत वर्ष शासन द्वारा सरकारी मूल्य 8 रु. किलो पर प्याज की खरीदी सिद्धि विनायक समिति के माध्यम से की थी। उस समय मात्र 14 दिनों में ही मंडी में 16 करोड़ रु. का 2 लाख क्विंटल से अधिक प्याज खरीदा था। भारी अव्यवस्था के बीच समिति प्याज को संभाल नहीं सकी थी और सरकार को करोड़ों रु. का नुकसान प्याज की खरीदी में हुआ था। 50 हजार क्विंटल से अधिक प्याज तो सड़ गया था। जिसे परिवहन कर बमुश्किल फैका गया था। इस बार ऐसी नौबत आने की स्थिति शायद नहीं है क्योकि भावांतर योजना में प्याज की खरीदी की जा रही है। जिससे यहां सीमित ही किसान प्याज लेकर आएंगे।
इधर…अंतिम दिन 300 ट्रॉलियों में गेहूं की आवक हुई
राजगढ़ | स्थानीय कृषि उपज मंडी समिति में समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के अंतिम दिन मंगलवार को रिकार्ड तोड़ गेहूं की आवक हुई। पुरे मंडी प्रांगण में चारों और गेहूं से भरी ट्रॉलियां दिखाई दे रही थी। अंतिम दिन 15 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हुई जो कि एक दिन में खरीदी का रिकार्ड हैं। करीब 300 ट्राॅलियां पहुंची थी। मंडी प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए समुचित प्रबंध किए थे। जिसके चलते किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आई। इसके एक दिन पूर्व भी करीब 13 हजार क्विंटल आवक हुई थी। गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी बुधवार से बंद होने के साथ ही अब प्याज की खरीदी प्रारंभ हो गई है। मंडी में खरीदी दो माह से चल रही थी। यहां अधिकतम 2100 रु. क्विंटल तक इस सीजन में गेहूं बिका था। मंडी प्रांगण प्रभारी लखन जोशी ने बताया इतनी अधिक आवक होने के बाद भी मंडी कर्मचारियों द्वारा व्यवस्थाओं को अच्छी तरह से संभालते हुए सभी किसानों की उपज का तौल किया। अंतिम दिन तो रात 9 बजे तक तौल किया। किसानों ने भी मंडी प्रशासन को सहयोग किया। जिसके चलते किसी प्रकार की परेशानी नहीं आई। मंडी में ही सिद्धी विनायक समिति द्वारा चने की खरीदी की जा रही है। जबर्दस्त आवक होने से हजारों क्विटल चना खुले में पड़ा है। पहले दौर में हम्मालों की कमी का सामना समिति द्वारा किया जा रहा था। अभी भी इतने हम्माल नहीं है कि प्रांगण में खुला पड़ा चना बोरियों में शीघ्र पैक हो जाए। साथ ही किसानों को भुगतान की भी समस्या आ रही है। मंडी सचिव हरेंद्र सिकरवार ने बताया गेहूं की आवक अच्छी हुई है। मंडी प्रशासन द्वारा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया। आज से प्याज की खरीदी शुरू हुई। पहले दिन 5-7 ट्राॅली प्याज की आवक हुई है आगे आवक बढ़ेगी। औसत मूल्य के आधार पर भावांतर की राशि किसानों को मिलेगी।
राजगढ़ . मंडी में भारी मात्रा में अंतिम दो दिन गेहूं की आवक हुई।