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पुराने सुविधाघर को तोड़कर गुमटियों को करेंगे शिफ्ट, प्रतीक्षालय में मौजूद दुकानें भी हटाएंगे

3 वर्ष पहले
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वर्षों से अतिक्रमण, गुमटियों, हाथ ठेलों से घिरे नये बस स्टैंड के कायाकल्प का काम नगर परिषद सोमवार से शुरू करेगी। पहले चरण में सभी ठेलागाड़ी एवं गुमटियों को हटाकर सुविधाघर के पास खाली जगह में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद सड़क डिवाइडर, पौधारोपण सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। बस स्टैंड पर वर्तमान में करीब 150 बसों में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। अधिक दबाव एवं भीड़भाड़ होेने से यह समस्याओं का स्टैंड बना हुआ है। अब जाकर नवीन परिषद इसकी सुध ले रही है। पूर्व परिषद द्वारा इसे व्यवस्थित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए थे।

बस स्टैंड की वर्तमान में यह स्थिति है कि यहां पर एक साथ 6 से 7 बसों के खड़े रहने की जगह नहीं है। कारण पुरे बस स्टैंड पर चारों और गुमटियों एवं ठेले वाले बेतरतीब खड़े हो जाते है। जिससे दिनभर विवाद के साथ ही बस चालकों को बसों को निकालने में समय अधिक लगता है। कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ता है। बस स्टैंड को व्यवस्थित करने की दिशा में पहला कदम परिषद द्वारा पुराने शौचालय को तोड़कर उठाया जाएगा।

परिषद उपाध्यक्ष अजय जायसवाल ने बताया बरसों पुराने शौचालय का औचित्य नहीं रह गया है। नया सुलभ काॅम्पलेक्स है। अतः इसे तोड़कर यहां से गुमटियों को व्यवस्थित रुप से लगवाया जाएगा। बस स्टैंड की सभी गुमटियों एवं सब्जी के ठेलों को हटाया जाएगा।

राजगढ़ . प्रतीक्षालय में आवारा पशु आराम फरमाते है।

गांधी प्रतिमा के आसपास भी गुमटियों का कब्जा

स्टैंड पर आने वाली बसों को स्टैंड तिराहा जो कि पुराना इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग भी होकर यहां से सब्जियों के ठेलों की दुकानें लगना शुरू हो जाती है। करीब 50 ठेले बीच सड़क पर लगते है। जिससे बसों को निकलने में समस्या आती है। गांधी प्रतिमा के आसपास भी समोसे कचोरी, फलों, होजयरी कपड़े आदि की दुकानें लगी होकर गांधीजी इनसे घिरे हुए है। ऐसे में गांधी प्रतिमा के आसपास से भी गुमटियों को हटाकर यहां बाउंड्री बनाई जाएगी। बस के चालकों को मात्र 10 फीट जगह में जैसे तैसे बसों को अंदर लाना एवं बाहर निकालना पड़ रहा हैं। केवल 26 जनवरी एवं 15 अगस्त के दिन गांधीजी नागरिकों को दिखाई देते है। शेष दिनों में अतिक्रमण के चलते प्रतिमा दिखाई नहीं देती है।

यात्री प्रतीक्षालय में भी मवेशियों का डेरा

जिले के बड़े व्यवसायिक नगर राजगढ़ के बस स्टैंड पर बने प्रतीक्षालय में मवेशियों का जमावड़ा रहता है। यात्रियों की बजाए पशु आराम फरमाते दिखाई देते है। मजबूरीवश यात्रियों को कड़कती धूप में प्रतीक्षालय के बाहर सड़क पर बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। पीने के पानी की भी सुविधा नहीं होकर होटलों में पानी के लिए यात्री भटकते है। गंदगी के चलते 20 बाॅय 15 का प्रतीक्षालय में किसी प्रकार की सुविधा भी नहीं है। इसमें तीन गुमटियां लगी है। प्रतीक्षालय में यात्रियों के लिए जगह ही नहीं बचती हैं। जायसवाल ने बताया इसे भी तीन तरफ से बंद कर सामने का हिस्सा ही खुला रखकर यहां यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सिया लगाई जाएगी।

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