राजगढ़| शहर के विकास योजना 2031 तक के लिए तैयार की है। इसमें पहले तो आम नागरिकों के लिए सुझाव नहीं लिए गए है। अधिकारियों ने मर्जी से शहर विकास का खाका तैयार कर लिया गया। इसके बाद दस्तावेजों को सार्वजनिक किए बिना ही दावे-आपत्ति मांगे गए थे। इनका गुरुवार को बंद कमरे में निराकरण कर लिया गया है। कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में दोपहर को आयोजित इस बैठक में शहर विकास पर चर्चा की गई। इस दौरान दावे-आपत्ति का निराकरण आम लोगों के बिना कर दिया है। इस मौके पर सांसद रोडमल नागर, राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष गायत्री जसवंत गुर्जर, एडीएम भाव्या मित्तल, नगर तथा ग्राम निवेष भोपाल से आए समिति संयोजक संयुक्त संचालक एसके मुद्गल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।