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एक बोले- इंजेक्शन से था संक्रमण दूसरे ने कहा- वैक्सीन में नहीं खामी

3 वर्ष पहले
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राजनांदगांव|मोतियाबिंद नेत्रकांड में घिरे क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल के साथ अफसरों ने फार्मेसी कंपनी को भी भी बचाने का दांव खेल दिया है। भास्कर के सवालात पर दो विभागों के अफसरों का जवाब अलग रहा। अंधत्व निवारण के स्टेट नोडल डॉ. सुभाष मिश्रा ने सीधे इंजेक्शन को ही संक्रमण फैलने की वजह बताई, तो जिला औषधि अधिकारी ने कहा कि वैक्सीन में इतनी खामी नहीं है कि संक्रमण फैल जाए। अधिकारियों के इस तरह के मतभेद में जांच की दिशा तय नहीं हो पा रही है। उन 30 पीड़ितों को न्याय मिलेगा भी या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।

जानिए, भास्कर के सवालों पर जिम्मेदारों के जवाब-

डॉ. सुभाष मिश्रा, स्टेट नोडल अंधत्व निवारण

शक इंजेक्शन पर था जिसकी पुष्टि हो गई

इंजेक्शन की रिपोर्ट मिली है, संक्रमण की वजह क्या है?

- जाइलोकेन नामक इंजेक्शन का सैंपल अमानक निकला है, इससे ही संक्रमण फैला है।

ये आप कैसे कह सकते हैं?

- हमने ओटी की कल्चर रिपोर्ट देखी थी, वहां संक्रमण की पुष्टि नहीं, शक था कि इंजेक्शन में खामी होगी, जांच में यह पुष्ट हो गया। वैसे भी बिलासपुर आदि कांडों में भी दवाइयों में ही खामी पाई गई थी।

लेकिन ड्रग अफसरों ने उन्हीं दवाइयों का सैंपल भेजा था जो दोनों दिन उपयोग हुई थी?

- हां आप ठीक कर रहे हैं, दोनों दिन दवाइयों का उपयोग हुआ था।

तो फिर पहले दिन के ऑपरेशन में दिक्कत हुई, सेकंड दिन के क्यों नहीं ऐसा ड्रग अधिकारी कह रहे हैं?

- हां ये बात सही है, पर गौर करने की बात ये है कि इंजेक्शन के पूरे बैच में खामी नहीं, कुछ गिनेचुने वैक्सीन में वायरस था।

ये तो अजीब बात है, ऐसे में फार्मेंसी कंपनी पर दावा कैसे कर पाएंगे? वो तो इसे सिरे से खारिज कर देगी?

- बाकी सैंपल की रिपोर्ट आई नहीं है, इसमें चीजें साफ हो जाएगी।

वो सब तो ठीक है, लेकिन पीड़ितों को न्याय मिलेगा या नहीं?

- रिपोर्ट आ जाने के बाद फार्मेंसी कंपनी पर दावा किया जाएगा, आगे शासन कार्रवाई करेगा।

मोतियाबिंद अॉपरेशन कांड

क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल में 30 मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का मामला

सीधी बात

फाॅर्मेसी कंपनी को भी बचाने में दांव खेल रहे अधिकारी, पीड़ितों को न्याय मिलेगा या नहीं, गारंटी नहीं

संजय झाड़ेकर, जिला अधिकारी, औषधि प्रशासन

ऐसा क्यों कह रहे हैं वे ही जानें

कोलकत्ता से सैंपल आ गई कि नहीं?

- हां 15 में से 3 सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है, इसमें से दो पास हो चुके हैं, जबकि वैक्सीन के सैंपल कुछ पैरामीटर में खरा नहीं उतर पाया।

इससे साबित हो रहा कि वैक्सीन से ही संक्रमण फैला था, ऐसा स्टेट नोडल कह रहे हैं?

- ऐसा हम नहीं कह सकते। वे ऐसा क्यों कह रहे वे ही जानें।

तो क्या इजेंक्शन में खामी नहीं थी?

- दो दिन ऑपरेशन हुए, दोनों दिन वही दवाइयां और इंजेक्शन उपयोग में लाए गए। पहले दिन संक्रमण फैला दूसरे दिन क्यों नहीं। ये सोचने वाली बात है।

तो अब क्या होगा, पीड़ितों को न्याय मिलेगा या नहीं?

- हम मामले की जांच कर रहे हैं, फाॅर्मेंसी कंपनी से डिटेल निकलवाए जा रहे हैं।

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