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बीच के 3 पियर भी कमजोर, 28 को खोलेंगे भ्रष्टाचार की पोल: देवव्रत

3 वर्ष पहले
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सेतु संभाग की करतूत अंधे मोड़ तक की सीमित नहीं है। ड्राइंग-डिजाइन बदलकर इसके ग्रेडिएंट (ढलान) से भी खिलवाड़ किया गया है। सोमवार को दोबारा निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व सांसद देवव्रत सिंह का तो कहना है कि बीच के तीन पियर भी कमजोर हैं। हार्ड रॉक मिलने तक नींव खोदी ही नहीं गई, बल्कि ग्राउंटिंग करके अधर में पियर खड़े किए गए। वे 28 मई को राजीव चौक पर फिर हल्ला बोलेंगे और पुल में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोलेंगे।

बड़ा सवाल ये है कि आखिर किसके कहने पर डीपीआर में बदलाव किए गए? अगर पहले वाले डीपीआर में फाल्ट था तो पेमेंट क्यों किया गया? फिर परिवर्तन के बावजूद इतनी सारी गलतियां क्यों दिखाई दे रही हैं? इसके लिए जिम्मेदार कौन है? देवव्रत का कहना है कि किसी भी ब्रिज में सेंट्रल लेवल से दोनों तरफ समान ग्रेडिएंट तय होता है। लेकिन यहां उसका पालन नहीं किया गया। सुपर स्ट्रक्चर से भी खिलवाड़ किया गया है। इससे पहले निरीक्षण के दौरान टायरिंग को काटकर एक्सपेंशन ज्वाइंट जोड़े जाने की बात सामने आई थी। अभी पुल में कई जगहों पर दरारें भी दिखाई दीं, जिन्हें सीमेंट का प्लास्टर कर छिपाया गया है। पुल के निरीक्षण के दौरान जोगी कांग्रेस के जिला महामंत्री कन्हैया बैस, ब्लॉक अध्यक्ष प्रबल खत्री, प्रवक्ता जितेंद्र सिंह गौर, यतेंद्र जीत सिंह, किशन रजक, मनोज बैद, अंकित सिंह, नित्य शरण सिंह, राजा सोलंकी आदि मौजूद रहे।

मकान टूटना है तो क्यों खड़ी कर रहे दीवार: प्रशासन अंधा मोड़ खत्म करने की बात तो कर रहा है, लेकिन उसी मकान की तरफ कांक्रीट की दीवार खड़ी की जा रही है। व्यवसायी का मकान साढ़े पांच हजार वर्गफीट में बना है, जबकि 1050 वर्गफीट ही रजिस्टर्ड है। उस पर लोन भी ले रखा है और बीमा भी है।

निरीक्षण में पहुंचे पूर्व सांसद ने पूछा-किसके कहने पर बदली ड्राइंग-डिजाइन

खैरागढ़. पुल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे पूर्व सांसद व अन्य।

बारीकी से करें सुधार नहीं तो हाईकोर्ट जाएंगे

देवव्रत ने कहा- अंधा मोड़ खत्म करने के साथ-साथ पुल के स्ट्रक्चर में बारीकी से सुधार किया जाना चाहिए। ड्राइंग-डिजाइन बदलने वाले सेतु संभाग के दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई भी की जानी चाहिए। ऐसा नहीं किया गया तो वे हाईकोर्ट जाएंगे।

इधर पुल के पास एप्रोच रोड के काम में भी गड़बड़ी

पुल निर्माण के बाद कवर्धा, राजनांदगांव और दुर्ग की तरफ एप्रोच रोड के काम में भी गड़बड़ी की गई है। इसमें निर्धारित मीटर तक पूरा काम करने के बजाए पुरानी सड़क पर नई परत चढ़ा दी गई है। ं

गड़बड़ी के इन मुद्दों पर भी प्रशासन पर लगाए आरोप

नगर पालिका ने फतेह मैदान में 50 लाख की घास लगाई, जो अब दिखाई ही नहीं दे रही।

ऐतिहासिक फतेह मैदान का स्वरूप ही बदल दिया गया। मंच के पीछे बड़ी दीवार खड़ी कर दी गई।

बड़ी दीवार खड़ी करने के पीछे दशहरा उत्सव को प्रभावित करना है।

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