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जिन वार्डों में नल से नहीं पहुंच रहा पानी वहां भी बंद की जा रही बिजली, परेशानी

3 वर्ष पहले
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जिन वार्डों में नलों से जलापूर्ति नहीं हो रही है, वहां भी बिजली बंद किया जा रहा है। सुबह-सुबह बिजली बंद होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उमसभरी गर्मी से लोग हलाकान हो रहे हैं।

भास्कर से चर्चा में निगम अफसरों ने साफ किया कि उन्होंने सिर्फ ममता नगर, स्टेशन पारा, शंकरपुर, मोतीपुर और मोहारा एरिया में नल खुलने के समय बिजली बंद करने के निर्देश दिए थे। फीडर एक होने की वजह से दिक्कत आ रही हो तो उसमें वे कुछ नहीं कर सकते हैं। जबकि हकीकत ये है कि 90 फीसदी पानी का उपयोग करने वाले मुख्य शहर में मोटर पंप का अधिक उपयोग हो रहा है। लेकिन यहां बिजली बंद करवाने को लेकर नगर निगम अफसर ध्यान नहीं दे रहें है। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष निगम और बिजली कंपनी के द्वारा गर्मी के पूर्व पानी सप्लाई को लेकर कार्ययोजना बनाी जाती है। बिजली कंपनी द्वारा प्री मेंटनेंस के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। लेकिन ऐन मौके पर समस्या बढ़ जाती है।

राजनांदगांव.बिजली बंद रखे जाने के कारण शहर के आउटर वार्ड में पेयजल के लिए परेशानी होने लगी है।

सुबह-शाम कर रहे बिजली बंद

निगम से सुबह-शाम पानी की सप्लाई की जाती है। शहर के आउटर वार्ड बजरंगपुर नवागांव, ढाबा, सिंगदई मोहड़, लखोली आदि नलों से जलापूर्ति बमुश्किल हो रही है। इन वार्डों में बिजली बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बजरंगपुर नवागांव से कमलेश देवांगन, संदीप कुमार आदि ने बताया कि रोज सुबह 6 से 7 बिजली बंद की जा रही है। पंखे कूलर बंद होने से वे कर्मी से हलाकान हो रहे हैं। छोटे बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं। उमस व गर्मी के बीच लाइट बंद की जा रही है।

आउटर में 10 हजार से अधिक आबादी

गौरतलब है कि शहर के आउटर वार्डों में 10 हजार से अधिक आबादी निवासरत है। बिजली बंद होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नपा इंजीनियर्स की माने तो शहर में रोजाना 2.10 करोड़ लीटर से अधिक पानी की खपत होती है। इसके लिए मोहारा स्थित दोनों फिल्टर प्लांट से 2.50 करोड़ लीटर से अधिक पानी रिलीज किया जाता है। इस पानी का करीब 90 फीसदी शहर मुख्य भाग में खत्म हो जाता है। शेष 10 फीसदी पानी ही आउटर के वार्डों में पहुंचता है। यहां नल असमय ही खुलते है।

7 लाख लीटर पानी दे रहे हर रोज, फिर भी संकट

शहर के आउटर वार्ड बजरंगपुर नवागांव, ढाबा, हल्दी, बसंतपुर और कंचनबाग में हर रोज टैंकर से पानी भेजा जा रहा है। प्रतिदिन करीब 7 लाख लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है। जलापूर्ति के लिए निगम के पास छोटे बड़े मिलाकर करीब 57 पानी टैंकर है। यह टैंकर रोज स्टेशन पारा स्थित टांका घर से जल एकत्र कर 5, 7 और 10 किमी दूर वार्डों में पहुंचती है। इससे बात साफ है कि इन वार्डों में नलों से जलापूर्ति नहीं हो रही है।

नगर निगम के अफसर नहीं दिखा रहे इस ओर गंभीरता

शहर में 32690 मकान है इसमें से ज्यादातर घरों में पानी लेने के लिए मोटर पंप का इस्तेमाल किया जाता है। अलावा निजी व भागीरथी मिलाकर नगर में 20 हजार नल कनेक्शन है। मोटर पंप का सर्वाधिक इस्तेमाल मुख्य शहर में किया जाता है, फिर ननि अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहें है।

मैं इसे दिखवा लेता हूं

आउटर वार्डों में बिजली बंद करने के लिए हमनें नहीं कहा है, कुछ चुनिंदा जगहों में जलापूर्ति के दौरान सप्लाई बाधिक रखने निर्देश दिए गए है। फिर भी मैं दिखवा लेता हूं। अश्वनी देवांगन, आयुक्त, नगर निगम

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