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आज हम जल बचाएंगे तो गांव का कल बचेगा, समझें: गांधी

3 वर्ष पहले
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पूर्व सांसद प्रदीप गांधी ने कहा कि जल को बचाना यह सामाजिक जिम्मेदारी है। गांव- गांव में जल संग्रह के लिए पूर्व के लोगों ने तालाब, पोखर, कुआ, डबरी, वावली का निर्माण कराया ताकि पेयजल तथा निस्तारी के लिए गांव में जल उपलब्ध रहे।

ग्राम बिच्छीटोला में जो लगभग 70 साल पहले बने इस तालाब में आप सभी निस्तारी करते हैं लेकिन आज तक मिट्टी नहीं निकाली गई। सभी गांव वालों की बैठक लेकर उन्होंने कहा कि पंचायत पृथ्वी फाऊडेशन द्वारा मारगांव मॉडल में काम कर सकता है। बिच्छीटोला पंचायत में आपके निवेदन पर जल संग्रह के लिए यह कार्य कर सकते हैं। ताकि जनभागिदारी से जल संग्रह का माडल गांव-गांव तक पहुंच सके। इस अवसर पर पंचायत के सरपंच सुरेश वर्मा ने अपने ग्राम के तालाब के बारे में बताया। पूर्व सांसद गांधी की संस्था द्वारा पेयजल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयास की सराहना की। बिच्छीटोला में तालाब गहरीकरण का आग्रह किया।

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