430 डिग्री तापमान में एक नजारा ऐसा भी...
फोटो व कंटेंट: कर्णकांत श्रीवास्तव
पिछले साल से 2.72 करोड़ लीटर घटा मोंगरा का जलस्तर, शेष 4 प्रतिशत पानी में दिखने लगी है तराई और पेड़ों के ठूंठ
50
गांवों को देते हैं निस्तारी के लिए पानी
2.72
करोड़ ली. पानी 2017 की तुलना में कम हुआ
5.42
करोड़ लीटर फिलहाल पानी है इसमें
8.15
करोड़ लीटर पानी का भराव गत वर्ष था
30
लाख लीटर पानी रोजाना छोड़ रहे
48.055
एमसीएफटी है क्षमता व 10 गेट हैं बैराज में
राजनांदगांव|जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर मोंगरा बैराज (अंबागढ़ चौकी) में जलस्तर तेजी से घट रहा है। कारण है 43 डिग्री तापमान। बैराज में जलभराव की स्थिति को देखते हुए इस साल अफसरों ने रबी धान फसल के लिए पानी नहीं दिया है। जबकि दो साल पहले 1000 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी दिया गया था। एसडीओ एमएस छाबड़ा ने बताया कि इस संबंध में गांव मुनादी कराई गई थी। उन्हें बताया गया था कि वे धान के बजाय दूसरी फसल ले। इसमें पानी अधिक लगता है।
रोज 30 लाख ली. पानी छोड़ रहे
वर्तमान में मोंगरा जलाशय से हर रोज 3 एमएलडी (30 लाख लीटर) पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी पीने के लिए है। जो नदी के रास्ते 60 किलोमीटर लंबा रास्ता तय कर राजनांदगांव मोहारा शिवनाथ एनीकट में आ रहा है। इसके जरिए 30 जून तक शहर को जलापूर्ति की जा सकती है। पानी को पहुंचने में 4 से 5 दिन का समय लगता है।
बड़ा निर्णय
रबी धान फसल के लिए नहीं दिया पानी