पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Bhilai
  • पत्थलगड़ी को बताया संवैधानिक, बोले अपने अधिकार के लिए लड़ने वालों को कह रहे देशद्रोही

पत्थलगड़ी को बताया संवैधानिक, बोले- अपने अधिकार के लिए लड़ने वालों को कह रहे देशद्रोही

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पत्थलगड़ी की घटना के बाद गिरफ्तार हुए 41 आदिवासियों को बिना शर्त रिहा करने की मांग को लेकर आदिवासियों ने मंगलवार को जेल भरो आंदोलन किया। जिला मुख्यालय में सभा के बाद रैली निकालकर 92 आदिवासियों ने गिरफ्तारी दी। आदिवासी नेताओं ने कहा कि पत्थलगड़ी संवैधानिक व्यवस्था है, लेकिन सरकार ऐसा करने वालों को देशद्रोही मान रही है। सरकार ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों को दरकिनार कर 5 वीं अनुसूची क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रही है। इसकी वजह से आदिवासियों का अस्तित्व संकट में आ गया है।

कलेक्टोरेट के सामने जुटे आदिवासियों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति और जीवन के संरक्षण और संवर्धन को दरकिनार कर मनमानी शुरू कर दी गई है। जब कुछ गांवों में इसके विरोध में आवाज उठाकर पत्थलगड़ी की शुरुआत की गई, तो ऐसा करने वाले आदिवासी नेताओं को जेल भेज दिया गया। आदिवासियों ने जल्द से जल्द सभी गिरफ्तार 41 नेताओं को बगैर किसी शर्त के रिहा करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने की स्थिति आगे भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी आदिवासियों ने दी है। मानपुर इलाके में खुर्सेकला सहित आसपास के गांव में पत्थलगड़ी के बाद घटना के दौरान पुलिस ने इलाके के आदिवासी नेता सुरजू राम को गिरफ्तार कर लिया था। इसके खिलाफ सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले आंदोलन की शुरुआत हुई है। हालांकि संगठन ने जिस संख्या में आदिवासियों के जुटने का दावा किया था, वह फेल रहा।

खबरें और भी हैं...