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सोख्ता गड्‌ढा बनाया, काकोड़ी में पानी की हर बूंद को संचित कर रहे ग्रामीण

3 वर्ष पहले
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छत्तीसगढ़ बॉर्डर से लगा गोंदिया जिले का गांव काकोड़ी...। यहां सरपंच रियाज खान की जिद ने गांव को मच्छर से मुक्त बना दिया। इस मॉडल को देवरी तहसील ने अपनाया और आज तहसील के 35 गांवों में इसका कमाल दिख रहा है। अब इन गांवों में पानी की एक-एक बूंद का संचय किया जा रहा है। साढ़े तीन हजार की आबादी वाले काकोड़ी में घरों से निकलने वाला वेस्ट वाटर नालियों में नहीं बहता। यहां की नालियां सूखी हैं और निस्तारी का सारा पानी जमीन के भीतर जाता है। गांव की गलियों में भी एक बूंद पानी बहता हुआ नहीं दिखेगा। इस गांव में मैजिक पिट काम कर रहा है। यहां के हर घर के साथ पानी के स्रोत वाली जगहों पर सोख्ता गड्‌ढा बना है। उसी गड्‌ढे में वेस्ट वाटर चला जाता है। वाटर रिचार्ज सिस्टम से यह गांव गोंदिया जिले का मॉडल बन गया है। अप्रैल 2017 से शुरू किए गए इस सिस्टम अब पूरे जिले में लागू किया जा रहा है।

इस गांव में चाहे वह हायर सेकंडरी स्कूल हो या फिर मंदिर, यहां तक कि हैंडपंप के आसपास भी सोख्ता गड्‌ढा बनाया गया है। ताकि पानी का एक बूंद भी जाया न हो। इसकी शुरुआत पिछले साल अप्रैल में की गई। सभी ग्रामीणों के घरों में दो फीट चौड़ा और तीन फीट गहरा गड्‌ढा खोदा गया। इसे निस्तारी के पानी की लाइन से जोड़ा गया। कुल 459 घरों में यह प्रयोग किया। इसमें से 466 जॉब कार्डधारी हैं। प्रत्येक मैजिक फीड बनाने के लिए 2554 रुपए का एस्टीमेट बनाया गया। इसमें 402 रुपए अकुशल, 2152 रुपए कुशल मजदूरों को मनरेगा से भुगतान किया गया।

सरपंच रियाज

सरपंच की जिद का असर: शुरुआत काकोड़ी से, फिर देवरी तहसील के 35 गांवों ने अपनाया मॉडल, ग्रामवासी हुए जागरूक, गांव मच्छर से मुक्त

मैजिक पिट का कमाल

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1. गांव की गलियों के किनारे बने रिचार्ज के लिए गड्‌ढे।

सभी घरों में बनेगा लगेगा हार्वेस्टिंग सिस्टम

सरपंच रियाज खान ने बताया कि उन्होंने अपने घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया है। बारिश से पहले इसे पूरे गांव में लगाया जाएगा। इसके लिए 25 से 30 घरों का एक क्लस्टर बनाएंगे। प्रत्येक क्लस्टर को मुख्य लाइन से जोड़कर 10 बाई 10 के गड्‌ढे से कनेक्ट किया जाएगा। गांव में स्थित तालाब की मिट्टी निकाली जाएगी। 3 पुराने कुएं की भी सफाई कराई जाएगी।

नालियां सूखी, गलियों में नहीं बहता पानी

2. सरपंच रियाज खान के घर पर बना मैजिक पिट।

टॉयलेट की पाइप में लगाई जाली

गांव के घरों में लगे टॉयलेट की पाइप को भी खुला नहीं छोड़ा गया है। यहां सभी पाइप में जालियां लगाई गई हैं ताकि मच्छर न पनपे। इसके अलावा सड़क पर पानी नहीं बहता तो कीचड़ भी नहीं फैल रहा और ऊपर से गंदगी नहीं फैलती।

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3. नल-जल योजना के सामने भी बनाया गया सिस्टम, ताकि पानी वेस्ट न जाए।

कलेक्टर अभिमन्यु ने दी ग्रामवासियों को प्रेरणा

यहां के कलेक्टर अभिमन्यु काले और सीईओ मनोज हिमुड़कर ने यह कांसेप्ट दिया था। पूरे जिले में इसकी शुरुआत में सिर्फ काकोड़ी पंचायत ने की। सरपंच की यह जिद थी और उन्होंने ग्रामीणों को मनाया और इसके फायदे बताए। उनका मानना था कि घर का पानी नाली में क्यों छोड़ा जाए। यह पानी जमीन में जाएगा तो नाली भी साफ रहेगी और मच्छर से मुक्ति मिलेगी। ग्राउंड वाटर लेवल भी बढ़ेगा।

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