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सम्मेलन में बताएंगे कैसे रखें गर्भवतियों का ध्यान

3 वर्ष पहले
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जिले में सास-बहू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में सास और बहू को बुलाकर बहू के गर्भधारण करने के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों के संबंध में बताया जाएगा। इसका उद्देश्य गर्भधारण के दौरान किए जाने वाले पहले चेकअप (पहला एएनसी) को जल्दी करना है ताकि गर्भवती माताओं के सफल प्रसव की चिकित्सकीय तैयारी आरंभ की जा सके तथा गर्भस्थ शिशु के भी पोषण का ध्यान रखा जा सके ताकि जन्म लेने वाला शिशु सुपोषित हो।

कलेक्टर भीम सिंह ने इस संबंध में निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी एवं सीएमएचओ डॉ.मिथिलेश चौधरी को दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान पहले एएनसी में विलंब के कारणों को पूछा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता की कमी और रूढिय़ों की वजह से कई बार गर्भधारण के काफी समय बाद महिलाएं एएनसी के लिए आती हैं विलंब से आने की वजह से कई तरह से नुकसान गर्भवती माता को हो सकता है। पहला एएनसी जितने जल्दी होता है शिशु के बेहतर पोषण और सफल डिलीवरी की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। इस पर कलेक्टर ने सास-बहू सम्मेलनों के माध्यम से इस संबंध में व्यापक जागरूकता फैलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

गर्भधारण के दौरान रखी जानी वाली सावधानियों के संबंध में दी जाएगी जानकारी, कलेक्टर ने अफसरों को दिए निर्देश

बालाघाट कलेक्टर से बात करेंगे कलेक्टर भीम सिंह

इस दौरान जिले में टीबी की स्थिति की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में छुईखदान बीएमओ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में लांजी (बालाघाट) के एक झोलाछाप डॉक्टर ने अपना नेटवर्क तैयार किया है वो टीबी के जल्द इलाज का दावा करता है। इसके चलते कुछ लोग वहां गए और उनकी स्थिति काफी गंभीर हो गई। गंभीर होने के बाद वे इलाज के लिए आए। कलेक्टर ने कहा कि इस संबंध में वे बालाघाट कलेक्टर से बात करेंगे।

हमर स्वास्थ्य एप: कलेक्टर ने हमर स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत लगने वाले शिविरों की समीक्षा भी की। सीएमएचओ ने बताया कि अब तक 633 शिविर लगाए जा चुके हैं। इनमें 55485 ग्रामीणों का चिकित्सकीय परीक्षण किया जा चुका है। जो गंभीर प्रकरण पाए गए, उन्हें संजीवनी योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।

साल्हेवारा व बकरकट्टा में बेहतर होगा हेल्थ नेटवर्क

कलेक्टर ने कहा कि साल्हेवारा और बकरकट्टा में स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए हर संभव सुविधाएं दी जाएंगी। साल्हेवारा में एनआरसी सेंटर आरंभ किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि जिले में स्थित एनआरसी सेंटर की क्षमता में भी विस्तार किया जाएगा। साथ ही जिन ब्लॉक में अभी तक एनआरसी नहीं हैं उनमें भी एनआरसी आरंभ किया जाएगा।

कलेक्टर ने की चुप्पी तोड़ो अभियान की समीक्षा

कलेक्टर ने चुप्पी तोड़ो अभियान की समीक्षा भी की। इस पर काम कर रही टीम ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में यदि सस्ते नैपकिन मिले तो महिलाएं इनका इस्तेमाल करने की इच्छुक हैं और इस तरह से शत-प्रतिशत महिलाएं सैनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करने लगेंगी। कलेक्टर ने कहा कि इस संबंध में स्वसहायता समूहों को कार्य करने प्रेरित किया जा रहा है। सैनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल के लिए मॉडल बनाने अधिकारियों को निर्देश दिए।

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