बोहरा समाज के माध्यम से रोजा रखकर रमजान की शुरुआत की गई। समाज में रमजान माह को लेकर जोश दिख रहा है। महिलाएं सामाजिक कार्य में अपना योगदान दे रही हैं। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कंस कमेटी ्रतिदिन मस्जिद की साफ सफाई कर रही है। गर्मी से इबादत में रुकावट ना हो इसके लिए कूलर से मस्जिद को ठंडा रखा जा रहा है।
शेख हुसैन राजपुर द्वारा नमाज पढाई जा रही है। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए फरमाया हमें इबादत भय से नहीं करनी चाहिए और ना ही किसी लालच में करना चाहिए। बल्कि हमें इबादत से अल्लाह का शुक्र अदा कर करना चाहिए। रमजान में की गई दुआ कबूल होती ही है। हम पिछले वर्ष की गई दुआ के बारे में सोचें हमने क्या क्या दुआ की और हमारी अल्लाह ने कौनसी दुआ पूरी की। शायद हमें ही ये याद नहीं होगा हमने खुदा से क्या मांगा। हम जरूर भूल गए। लेकिन खुदा आपको आपके द्वारा की गई दुआ को नहीं भूला है। हमारी हर दुआ कबूल होती ही है। भीषण गर्मी में हमें रोजा रखकर इबादत कर हुसैन अल्लेही सलाम को याद करना नहीं भूलना चाहिए।
हमें हुसैन अल्लेही सलाम द्वारा की गई इबादत को याद करना चाहिए। दुनिया के जो भी हालात हो हमें इस वक्त इबादत में लीन हो जाना चाहिए। रोजादार को इफत्यारी करना व पानी पिलाने की अहमियत को समझाया ये कार्य किसी को दिखावे के लिए नहीं होना चाहिए। यह कार्य खुदा को खुश करने के लिए करना चाहिए। 30 दिन की इफत्यारी भोजन करवाने का कार्य शुरू हो चुका है। फैयजुल मवायीद बुरहानीया कमेटी ने शहरी करने के लिए चाय शक्कर बिस्किट सहद पूरे 30 दिन के लिए प्रत्येक घर उपलब्ध कराई है। सकीना सहेली कमेटी महिलाओं को भोजन करवाने का कार्य कर रही हैं। भोजन का मैनू सैय्यदना साहब के निर्देशानुसार रखा जा रहा है।
शेख हुसैन साहब ने मस्जिद में नमाज के दौरान रोजेदारों से कहा
शेख हुसैन साहब रोजेदारों को संबोधित करते हुए।