शासन ने प्रदेश की 51 मंडी की अधिसूचित
भास्कर संवाददाता | बड़वानी
भावांतर भुगतान योजना में प्याज की खरीदी के लिए शासन ने प्रदेश की 51 मंडियों को अधिसूचित किया है। इसमें इंदौर संभाग में खंडवा को शामिल किया है लेकिन बड़वानी जिले की मंडियों का नाम सूची से गायब है। इसके चलते अब सोमवार कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मंडी सचिव सुमन बड़ोले ने बताया राजपुर व सेंधवा मंडी को भी प्याज खरीदी के लिए अधिसूचित घोषित कराने के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजेंगे। अंजड़ की उप मंडी राजपुर व सेंधवा में प्याज की खरीदी शुरू हो गई है। वहीं शहर की मंडी में अब तक खरीदी नहीं हुई है क्योंकि अब छोटे व्यापारियों ने भी सरकारी खरीदी प्रक्रिया से हाथ खींच लिए हैं।
किसानों को राजपुर ले जाना पड़ेगी उपज-योजना में प्याज बेचने के लिए शहर की मंडी में 79 किसानों ने पंजीयन कराया था। खरीदी को लेकर तीन व्यापारियों ने स्वीकृति भी दी थी। मंडी सचिव सुमन बड़ोले ने बताया एक व्यापारी के रोजे चल रहे है। इस कारण वे खरीदी के लिए नहीं आए। वहीं अन्य दो भी खरीदी के इच्छुक नहीं है। मंडी में खरीदी न होने पर पंजीकृत किसानों को राजपुर की मंडी में उपज ले जाना पड़ेगी। व्यापारियाें से क्रय सीमा के अनुसार राशि का ड्राफ्ट लेने की अनिवार्य के कारण व्यापारियों का रूझान प्याज की खरीदी में नहीं है।
पिछले वर्ष 7237.50 क्विं. हुई थी खरीदी
पिछले साल मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ ने समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी की थी। भाव 800 रुपए प्रति क्विंटल रहा था। बड़वानी व सेंधवा में खरीदी केंद्र बनाए थे। बड़वानी में 127 किसानों से 7237.50 व सेंधवा में 71 किसानों से 4154.50 क्विंटल प्याज खरीदा गया था।