ढूंढते थे रक्तदाता, अब दूसरे जिलों को भी भेज रहे खून
गर्मी सीजन में पिछले साल तक एक यूनिट ब्लड के लिए डोनर ढूंढना पड़ता था, वहीं अब दूसरे जिलों को भी आपूर्ति कर रहे हैं। सामाजिक संगठनों की पहल से यह बदलाव आया है। इस बार गर्मी सीजन में भी रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं।
लायंस क्लब बड़वानी सिटी, लायंस क्लब गणपुर सहित अन्य सामाजिक संगठनों की पहल से यह बदलाव आया है। विवाह और पगड़ी रस्म के कार्यक्रम में शिविर लगाकर रक्तदान कर रहे हैं। क्लब अध्यक्ष राम जाट ने बताया सोमवार को मनावर में जोशी परिवार के यहां पगड़ी रस्म में शिविर लगाया जाएगा। पिछले साल तक गर्मी सीजन में ब्लड की कमी रहती थी। लोग रात 2 बजे फोन कर ब्लड की व्यवस्था कराने की मांग करते थे। सामाजिक संगठनों के माध्यम से लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक कर रहे हैं। लायंस क्लब बड़वानी सिटी, लायंस क्लब गणपुर, सुभाषचंद्र बोस रक्तदान समिति सेंधवा, साकार नवशक्ति संस्था, सांई सेवा समिति नानपुर सहयोग कर रहे हैं। डही, निंबोला, गणपुर, साततलाई, राजपुर, पानसेमल, पलसूद में शिविर लगाए हैं।
जागरुकता
सामाजिक संगठनों की पहल पर विवाह के अलावा पगड़ी रस्म में लोग स्वेच्छा से कर रहे रक्तदान
गर्मी में शिविर लगाने में ये होती है परेशानी
जाट ने बताया गर्मी सीजन में तापमान ज्यादा होने से रक्तदान के बाद डोनर को घबराहट या चक्कर आने की शिकायत हो सकती है। इस कारण भवन व कूलर की व्यवस्था होने पर ही शिविर लगाया जा सकता है। रक्तदान के बाद 10 से 15 मिनट आराम करना चाहिए ताकि कोई परेशानी न हो। शिविरों के जरिए दिसंबर माह से अब तक करीब 500 यूनिट ब्लड एकत्र किया है।
रोजाना 40 यूनिट की मांग
ब्लड बैंक से अभी जिला व महिला अस्पताल सहित निजी अस्पताल को ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. असीम राय ने बताया रोजाना की डिमांड 35 से 40 यूनिट है। यहां अभी 84 यूनिट स्टॉक है। इसके अलावा रोजाना ब्लड बैंक में भी 15 से ज्यादा लोग रक्तदान करते हैं। उन्होंने बताया पिछले दिनों ग्राम वायल (मनावर) में पाटीदार समाज के एक परिवार के 20 सदस्यों ने पगड़ी रस्म में रक्तदान किया था। डही में 62, साततलाई में 42 यूनिट रक्तदान किया था।
शुरू होगा ब्लड कंपोनेंट यूनिट- ब्लड बैंक में जल्द ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट शुरू होना है। इसके लिए मशीन आ गई है। इससे ब्लड में उपलब्ध प्लाज्मा, प्लेटलेट्स व रेड ब्लड सेल अलग-अलग किए जा सकेंगे, ताकि जरुरत के मुताबिक ब्लड मरीजों को उपलब्ध कराया जा सकेगा। भवन की व्यवस्था होने के बाद इसे शुरू किया जा सकेगा।
5 साल की स्थिति
वर्ष ब्लड (यूनिट में)
2013 7736
2014 9409
2015 10781
2016 9780
2017 10493
2018 3760 (1 जनवरी से 14 अप्रैल तक)