एडवाेकेट अभिनव अाेबराय काे नगर काैंसिल राजपुरा का एडवाइजर नियुक्त किया गया है। भाजपा पार्षद पवन मुखीजा ने एतराज जताया है। उन्हाेंने कहा कि नगर काैंसिल की अाेर से प्रधान नरिंदर शास्त्री की सिफारिश पर उनके करीबी एडवाेकेट अाेबराय काे एडवाइजर नियुक्त किया गया है जाे सही नहीं है। नगर काैंसिल के पास पहले से ही दाे लीगल एडवाइजर काम कर रहे हैं।
भाजपा पार्षद पवन मुखीजा का अाराेप है कि एडवाेकेट अाेबराय से नगर काैंसिल काे इंसाफ मिलने की संभावना न के बराबर है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले ही एडवाेकेट अाेबराय ने बायनेम नगर काैंसिल के पूर्व प्रधान प्रवीण छाबड़ा की शिकायत कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पटियाला राेड पर एक खाेखा मालिक शशी भूषण के खिलाफ भी हाईकोर्ट में केस दर्ज कराया है। अभी विचाराधीन है, इसलिए एडवाेकेट किसी भी विपक्षी पार्टियाें के वर्कराें की शिकायतें कर सकते हैं। पर इंसाफ के लिए विश्वास नहीं किया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि एडवाेकेट अाेबराय काे तुरंत प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। नगर काैंसिल प्रधान नरिंदर शास्त्री ने कहा कि एडवाेकेट अाेबराय की काबिलियत देखकर ही उनको लीगल एडवाइजर नियुक्त किया है। काैंसिल के कई केस कोर्ट में पेंडिंग हैं, इसलिए इसकी जरूरत पड़ी।
काबिलियत देखकर ही दिया मौका: प्रधान नरिंदर
भास्कर संवाददाता|राजपुरा
एडवाेकेट अभिनव अाेबराय काे नगर काैंसिल राजपुरा का एडवाइजर नियुक्त किया गया है। भाजपा पार्षद पवन मुखीजा ने एतराज जताया है। उन्हाेंने कहा कि नगर काैंसिल की अाेर से प्रधान नरिंदर शास्त्री की सिफारिश पर उनके करीबी एडवाेकेट अाेबराय काे एडवाइजर नियुक्त किया गया है जाे सही नहीं है। नगर काैंसिल के पास पहले से ही दाे लीगल एडवाइजर काम कर रहे हैं।
भाजपा पार्षद पवन मुखीजा का अाराेप है कि एडवाेकेट अाेबराय से नगर काैंसिल काे इंसाफ मिलने की संभावना न के बराबर है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले ही एडवाेकेट अाेबराय ने बायनेम नगर काैंसिल के पूर्व प्रधान प्रवीण छाबड़ा की शिकायत कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पटियाला राेड पर एक खाेखा मालिक शशी भूषण के खिलाफ भी हाईकोर्ट में केस दर्ज कराया है। अभी विचाराधीन है, इसलिए एडवाेकेट किसी भी विपक्षी पार्टियाें के वर्कराें की शिकायतें कर सकते हैं। पर इंसाफ के लिए विश्वास नहीं किया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि एडवाेकेट अाेबराय काे तुरंत प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। नगर काैंसिल प्रधान नरिंदर शास्त्री ने कहा कि एडवाेकेट अाेबराय की काबिलियत देखकर ही उनको लीगल एडवाइजर नियुक्त किया है। काैंसिल के कई केस कोर्ट में पेंडिंग हैं, इसलिए इसकी जरूरत पड़ी।