पानी की 46 वर्ष पुरानी टंकी जर्जर, रिसाव से घरों में आ रहा पानी
चारभुजा | चारभुजा कस्बे में 46 वर्ष पुरानी पानी की टंकी जर्जर हो गई है। वर्ष 1971 में नल योजना शुरू हुई थी टंकी भी तब ही बनी थी। दो वर्ष पहले कस्बे में नई पाइप लाइन डाली थी। रोकड़िया हनुमान मार्ग पर एक सहायक टंकी भी बनाई। हालांकि पुरानी टंकी को यथावत रखा। जब नई पाइप लाइन डाली तब भी नई टंकी बनवाने की मांग उठी लेकिन पंचायत ने ध्यान नहीं दिया। वही टंकी की भराव क्षमता एक लाख 20 हजार लीटर पानी की है। इससे पूरे कस्बे में पानी की सप्लाई होती है। पानी की टंकी पुरानी होने से जगह-जगह रिसाव हो रहा है। टंकी में जगह-जगह दरारें आ गई है। रिसाव का पानी टंकी के पास बने मकानों में आ रहा है। इससे मकानों को नुकसान हो रहा है। कस्बे के परमेश्वर सरगरा, गोविंद सेवक ने बताया कि पानी के रिसाव से घरों में गीलापन रहता है। समस्या से निजात पाने के लिए मोहल्लेवासियों ने नई टंकी बनाने की मांग की।
वही टंकी के पास नीम और बबूल के पेड़ बड़े-बड़े होने से जड़े भी टंकी के नीचे पहुंच गई है। वही टंकी के चारों और लोगों ने अतिक्रमण कर पत्थर और पट्टियां डाल दी है। चारभुजा के पूर्व सरपंच हीरालाल गुर्जर ने जलदाय विभाग के सहायक अभियंता राजसमंद को पत्र लिख नई टंकी निर्माण की मांग की। इस पर जलदाय विभाग केलवाड़ा के सहायक अभियंता राजाराम पाठक ने बताया कि इसकी मरम्मत की स्वीकृति हो चुकी है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
जर्जर हुई टंकी और दरारें आई।