राजसमंद | जल चक्की स्थित चौमुखा महादेव मंदिर में अधिक मास के तहत चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सोमवार को कथा वाचक पंडित जगदीशचंद्र खंडेलवाल ने कहा कि कृष्ण के साथ अर्जुन ने अपना उद्धार कर लिया। संत की सेवा दुर्भावना से नहीं करनी चाहिए। जैसे महाभारत में दुर्योधन ने की थी। दुर्भावना से की सेवा का फल निष्फल हो जाता है। इस दौरान चौमुखा महादेव कमेटी अध्यक्ष दिनेश ठाकुर, निर्माण कमेटी अध्यक्ष जमनालाल टांक, रतनलाल माली, सीता देवी, कमला देवी, अर्चना गोयल, प्रेमबाई, सूरजदेवी , रुक्मिणी देवी मौजूद थे।