राजसमंद | जल चक्की स्थित चौमुखा महादेव मंदिर में अधिक मास के तहत गुरुवार को श्रीमद् भागवत कथा हुई। कथा में पंडित जगदीशचंद्र खंडेलवाल ने कथा वाचन करते हुए कहा कि सत्संग का अर्थ केवल अपना स्वार्थ नहीं बल्कि सभी का उद्धार करना है। भागवत कथा का श्रवण मक्खन हैं, बाकी सभी शास्त्र, पुराण, वेद, दूध, दही आदि है। ज्ञान मार्ग से भक्ति प्राप्त होती है। स्वर्ग अमृत से बड़ा कथा अमृत होता हैं। हमें हमेशा कथा दृढ़ मन लगा सुननी चाहिए, जैसे राजा परीक्षित ने सुनी थी। वैराग्य आ जाने से अंत समय में तकलीफ नहीं आती हैं। हम अपना शरीर आराम से त्याग सकते हैं। ठाकुरजी की सेवा शरीर का सबसे बड़ा शृंगार है। कथा के बाद भागवत कथा की आरती कर सभी को प्रसाद बांटा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष अशोक टांक, मोतीलाल टांक, रतनलाल सहित शहरवासी थे।