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बिलानाम पर एनओसी से भूखंड पंजीयन के आरोपी एमड़ी के पूर्व सरपंच सहित दो के खिलाफ चार्जशीट

3 वर्ष पहले
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने निर्मल ग्राम पंचायत एमड़ी के पूर्व सरपंच रामलाल कुमावत सहित दो जनों के खिलाफ एसीबी के न्यायालय उदयपुर में चार्जशीट पेश की है। उनके खिलाफ बिलानाम भूमि पर अनापत्ति प्रमाण पत्र देकर नियम विरुद्ध भूखंड बेच पंचायत को सवा तीन लाख रुपए की राजस्व हानि पहुंचाने व पद का दुरुपयोग कर नियम विरुद्ध काम करने का आरोप है। एसीबी के एएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि एमड़ी निवासी पूर्व सरपंच रामलाल (40) पुत्र मोहनलाल कुमावत व नौगामा निवासी लालूराम (55) पुत्र परसराम पालीवाल के खिलाफ बिलानाम भूमि पर अनापत्ति प्रमाण पत्र से भूखंड पंजीयन कराने के आरोप में चार्जशीट पेश की है। आरोप है कि एमडी के तत्कालीन सरपंच रामलाल कुमावत ने आराजी 78 सरकारी बिलानाम आबादी भूमि की एनओसी 8 सितम्बर 2013 को जारी की थी। इसके आधार पर अनापत्ति प्रमाण पत्र भूखंड धारक लालूराम पालीवाल ने 20 सितम्बर 2013 को देवीलाल कुमावत को भूखंड विक्रय कर विक्रय पत्र का पंजीयन कराया। तात्कालीन सरपंच कुमावत ने स्वामित्व एवं आधिपत्य के संबंध में एनओसी की प्रति ग्राम पंचायत कार्यालय रिकॉर्ड में नहीं मिली एवं स्वामित्व एवं आधिपत्य के संबंध में व भूमि के विक्रय संबंधी दस्तावेज पंचायत के रिकॉर्ड में नहीं मिलने की पुष्टि सचिव ग्राम पंचायत एमड़ी से की गई। इस आबादी भूमि का हल्का पटवार व सचिव ग्राम पंचायत एमड़ी की मौजूदगी में मौका-निरीक्षण किया। इसमें मौके पर पत्थरों से भूखंड पर चारदीवारी का निमार्ण करना पाया। मौके पर पक्का निमार्ण कार्य नहीं पाया है। बताया गया कि सरपंच कुमावत ने पद का दुरुपयोग कर विक्रयकर्ता द्वारा स्वामित्व आधिपत्य का असत्य कथन विक्रय पत्र में अंकित कर पट्टा विलेख कहीं रख दिया व नहीं मिलने का हवाला देते हुए पंजीयन करवाया।

जांच में सामने आया कि सरपंच कुमावत एनओसी सरकारी भूमि पर जारी नहीं कर सकते हैं। सरकारी भूमि पर नियमानुसार भूखंड का विक्रय तभी किया जा सकता है जब उक्त भूमि के भूखंड केवल नीलामी के द्वारा ही ग्राम पंचायत आवंटन कर सकती है। गांव नोगामा की आबादी की डीएलसी दर वर्ष 2013 की 122 रुपए प्रति वर्गफीट होना पाई। भूखंड को खुली निविदा में विक्रय किया जाता तो डीएलसी दर अनुसार भूखंड साइज 32 गुणा 80 फीट क्षेत्रफल 2560 फीट की डीएलसी दर 122 रुपए प्रति वर्गफीट के अनुसार 3 लाख 12 हजार 320 रुपए की राजस्व हानि पहुंचाना साबित हुआ। तत्कालीन सरपंच रामलाल व भूखंड मालिक बन विक्रय करने वाले लालूराम पालीवाल खिलाफ धारा 13 (1) (सी) (डी), 13 (2) पीसी एक्ट 1988 व धारा 409, 120 बी का अपराध मानकर विशेष न्यायाधीश सेशन न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम उदयपुर की न्यायालय में चार्जशीट पेश की है।

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