राजसमंद | जल चक्की स्थित चौमुखा महादेव मंदिर में अधिक मास के तहत चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को कथा वाचक पंडित जगदीशचंद्र खंडेलवाल ने कहा कि कलयुग में सत्संग और कीर्तन से भगवान प्रसन्न होते है। मनुष्य में चार गुण सदा होने चाहिए। संयम, सदाचार, स्नेह, सेवा। भागवत का प्रधान विषय प्रेम भक्ति है। वाल्मीकि रामायण प्रेम प्रदान है, जबकि तुलसी रामायण धर्म प्रदान है। भगवान की कृपा बिना गुरु के प्राप्त नहीं होती है। सुखदेव स्वामी और राजा परीक्षण उत्तम श्रोता है, नारद और व्यासजी मध्यम श्रोता है। सुत जी महाराज, सोनकादी ऋषि कनिष्ठ श्रोता है। हमें दूसरो में बुराई देखने के बजाए अपने मन में झांककर देखना चाहिए। इस दौरान चौमुखा महादेव कमेटी अध्यक्ष दिनेश ठाकुर, निर्माण कमेटी अध्यक्ष जमनालाल टांक, रतनलाल माली, सीता देवी, कमला देवी, अर्चना गोयल, प्रेमबाई, सूरजबाई, रुक्मिणी देवी आदि थे।