प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी महेंद्र राम ने कहा है कि राशि उपलब्ध रहने के बावजूद बेंच-डेस्क, वायरिंग और पोशाक क्रय नहीं करने वाली विद्यालय प्रबंधन समितियों को भंग किया जाएगा। साथ ही भवन निर्माण कार्य अपूर्ण रहने की स्थिति में समितियों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस किया जाएगा। वे प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की विशेष बैठक में बोल रहे थे। बीईईओ ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के विकास के लिए संचालित मध्याह्न भोजन, साइकिल वितरण, पोशाक वितरण,मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी एवं कीट योजना के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों से इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि किट योजना के तहत बैग, जूता, मोजा, बेल्ट, टाई, कॉपी एवं पेंसिल खरीदने के लिए वर्ग एक से पांचवीं कक्षा तक के सभी बच्चों को 590 रुपए तथा छठी से आठवीं तक के बच्चों को 720 रुपए सीधे खाते में भेजा जा रहा है। लेकिन प्रायः यह देखा जा रहा है कि इस राशि का उपयोग अभिभावक दूसरे कार्यों में कर दे रहे हैं। इस कारण बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को जागरूक करने की आवश्यकता है। बीईईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के तहत छठी कक्षा में अध्ययनरत एससी एवं एसटी छात्राओं के नाम सरकार दो हजार रुपए जमा कर रही है। तीन साल बाद नौवीं कक्षा में आने के बाद ब्याज सहित उक्त राशि का उपयोग छात्रा पढ़ाई सहित अन्य कार्यों में कर सकती है। वहीं डॉ सुचित्रा कुमारी ने पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रधानाध्यापकों से रूबेला रोग से बचाव के लिए 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए चलायी जाने वाली एमआर टीकाकरण अभियान को सफल बनाने की अपील की।