डॉ अंबेडकर के जीवन पहलुओं पर डाला प्रकाश
नगर परिषद हाल रामपुर के सभागार में अनुसूचित जाति संगठन ब्लॉक कांग्रेस ने शनिवार को भारत र| डाॅ. भीमराव अंबेडकर की127वीं जयंती धूमधाम से मनाई। इस अवसर पर स्थानीय विधायक नंदलाल बतौर मुख्यातिथि शिरकत हुए। मुख्यातिथि ने भारत र| की प्रतिमा पर फूल माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति के महा सचिव डीडी कश्यप, प्रदेश महासचिव कांग्रेस कमेटी चंद्र प्रभा नेगी, अनुसूचित जाति संगठन ब्लॉक अध्यक्ष हुकम सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधायक नंदलाल ने भीमराव अंबेडकर के त्याग और बलिदान को याद किया और लोगों से उनके पदचिन्ह पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने सभी लोगों से देश और प्रदेशहित के लिए कार्य करने की अपील की।
गानवीं में अंबेडकर जंयती के उपलक्ष्य पर मौजूद स्कूली विद्यार्थी व अन्य।
15/20 में हर्षोदय फाउंडेशन ने याद डॉ. अंबेडकर
रामपुर बुशहर |हर्षोदय फाउंडेशन ने 15/20 क्षेत्र के गानवीं स्कूल में बच्चों के साथ अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई। इस अवसर पर जगोरी पंचायत उपप्रधान अकबर बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे। इसके अलावा इस दौरान स्कूली बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। फाउंडेशन के अध्यक्ष उदय सिंह डोगरा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर पूरे विश्व में ज्ञान के प्रतीक के रूप में जाने जाते हंै। इस अवसर पर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। वहीं भाषण प्रतियोगिता में गानवीं स्कूल की छात्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि क्याव स्कूल की छात्रा ने दूसरा स्थान हासिल किया और सुरू स्कूल के छात्र अक्षित ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर संदीप ठाकुर, संजीव कुमार, नोकी राम, संदीप नेगी, स्नेह लता, रतन डोगरा और सुजाता नेगी मौजूद रहे।
अंबेडकर की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए
रिकांगपिओ | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की रिकांगपिओ ईकाई द्वारा शनिवार को डा. भीम राव अंबेडकर की जयंती पर उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर परिषद के पदाधिकारियों द्वारा डा. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प माला चढ़ाकर समान पूर्वक शब्दांजलि दी। इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य समिशा डेरयान ने कहा कि डा. भीम राव अंबेडकर संविधान निर्माता के रूप में हमारे भारत देश के लिए एक स्वर्यणीय संविधान निर्माणक रहे हैं तथा उन्होंने सदैव अपने जीवन में जाति प्रथा का विरोध करने के साथ साथ दलित हितों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी जाति प्रथा भारत की एकता व अखंडता को नष्ट कर रही है तथा इसे रोकने के लिए युवा वर्ग को आगे आने की जरूरत है।