1500 में नहीं होता गुजारा, वेतन बढ़ाए सरकार
भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर
मिड डे मील वर्कर पिछले कई वर्षों से अपनी मांगे मनवाने के लिए सरकार से लड़ रहे हैं। न्यूनतम वेतन 6300 रुपए, 10 माह के बजाए 12 माह का वेतन और जहां एक वर्कर है उसके साथ हेल्पर की व्यवस्था करने के साथ ही छुट्टियों का प्रावधान करने की मांग वे सरकार से कर रहे हैं। लेकिन आज तक मांगे पूरी नहीं हुई है। यूनियन का कहना है कि यदि सरकार ने मिड डे मील की मांगों को नहीं माना तो आने वाले समय में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन सम्बन्धित सीटू देश व प्रदेश सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी।
प्रदेश सरकार ने मिड डे मील मजदूरों का एक रुपए तक नहीं बढ़ाया
मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ब्लाक इकाई कुमारसैन की एक महत्वपूर्ण बैठक विश्राम गृह कुमारसैन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष टेक चंद ने की । बैठक में उपस्थित मिड डे मील वर्कर्स को संबोधित करते हुए मजदूर नेता प्रेम कायथ ने कहा की केन्द्र की मोदी सरकार मजदूरों के अच्छे दिन का वादा लेकर सत्ता में आई थी, परन्तु केंद्र सरकार ने 2013 में बढ़ाए हुए 2000 रुपए का वेतन को अभी तक लागू नहींं किया। हालांकि 2013 में हुए 45वें श्रम सम्मेलन में तब की सरकार ने माना था कि मिड डे मील वर्कर्स को मजदूरों की श्रेणी में लाया जाएगा, न्यूनतम वेतन लागू किया जाएगा, सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी, मेडिकल की सुविधा दी जाएगी।
परन्तु केंद्र सरकार ने मिड डे मील के बजट में लगातार कटौती करके इस योजना को समाप्त करने का काम कर रही हैं। जबकि मिड डे मील वर्कर पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। इस मौके पर जितेंद्र कुमार, उषा देवी, विमला, रंजना, किरण, ममता कुमारी के अलावा कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अनदेखी
मिड डे मील वर्करों की सरकार से मांग, 6300 रुपए करें मासिक वेतन
300 रुपए की बढ़ोतरी छलावा
ब्लॉक अध्यक्ष टेक चंद ने कहा प्रदेश में नई सरकार ने मिड डे मील को माह में मात्र 300 रुपए की बढ़ोत्तरी करके मजदूरों के साथ छलावा किया है। इस महंगाई के दौर में मात्र 1500 रुपए महीने में गुजारा नहीं किया जा सकता है। जबकि जो विधायक विधानसभा के लिए 5 साल के लिए चुनकर जाते हैं उन्हें पेंशन की सुविधा दी जाती है, परन्तु मिड डे मील के वर्कर्स जिनको 13 साल काम करते हुए हो गए उन्हें अभी तक न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ब्लॉक इकाई कुमारसैन सरकार से मांग करती है कि मिड डे मील वर्कर की मांगें जल्द से जल्द पूरा करे नहीं तो आने वाले समय में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन सम्बन्धित सीटू प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।