भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर
प्रदेश में करीब 6300 जल रक्षक पिछले 10 साल से सरकार पर रेगुलर होने क लिए टकटकी लगाए हुए हैं। इसके बाद भी आज तक सरकार ने जल रक्षकों के लिए न तो ठोस नीति बनाई है और न ही इनके भविष्य को सुरक्षित किया गया है। ये कर्मचारी सरकार से मांग कर रहे है कि उनको सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधीन लाया जाए, ताकि उनके साथ आर्थिक न्याय हो सके। ऐसे में जल रक्षकों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
जल रक्षक यूनियन मंडल रामपुर ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को एसडीएम डॉ निपुण जिंदल के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें जल रक्षकों ने मांग की है कि प्रदेश में 6300 जल रक्षक पंचायत के माध्यम से सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न पेजयल योजनाओं में 8 से 10 वर्षों से 8 से 10 घंटे अपनी सेवाऐं दे रहे है। लेकिन आज तक जल रक्षकों की स्थाई नीति नही बनाई गई। इसके बाद भी उन्हें मासिक मानदेय मात्र1700 रुपये दिए जाते है। इतने कम मानदेय इस महंगाई के दौर में नाकाफी है और इतने मानदेय में अपने घर का खर्चा चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से जल रक्षकों के लिए स्थाई नीति बनाने की मांग की है।
अपना हक लेकर रहेंगे
जल रक्षक यूनियन ने सरकार से 6300 जल रक्षकों के लिए स्थाई नीति बनाने की मांग
रामपुर में अपनी मांगों को लेकर बैठक करते हुए जल रक्षक।
ये है मांगे : जल रक्षकों को पंचायत से हटा कर आईपीएच विभाग के अधीन करके स्थाई नीति बनाई जाए। 5 वर्ष पुरा कर चुके जल रक्षकों को दैनिक वेतनभोगी बनाए, 10 वर्ष पुरा कर चुके जल रक्षकों को नियमित किया जाए। जल रक्षकों का मासिक मानदेय आईपीएच विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति के खाते में जमा किया जाए।
नागेश्वर सिंह बने अध्यक्ष : इस से पहले जल रक्षकों की एक बैठक आयोजित हुई। इस दौरान नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इसमें अध्यक्ष का पद नागेश्वर सिंह को सौंपा गया। जबकि उपप्रधान रिंकू राम, सचिव धर्मपाल मल्होत्रा, सह सचिव दलीप कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह, सलाहकार प्रकाश, सह सलाहकार तारा मंणी, सत्या देवी और कमला देवी को बनाया गया।
ये रहे मौजूद : इस मौके पर संघ के वरिष्ठ सलाहकार राजेंद्र सिंह, नागेश्वर सिंह, विजेश, यशवंत, कुलदीप, रिकू राम, सत्या देवी, दलीप, प्रकाश, अरविंद कुमार, केवल राम, राजीव वर्मा, ओम प्रकाश, राज कमल, मुकंद लाल के अलावा कई अन्य यूनियन सदस्य उपस्थित रहे।