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यमुना, गिरि नदी का होगा तटीयकरण, भूमि कटाव से बचेगी किसानों की जमीन

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | पांवटा साहिब

सिंचाई एंव जनस्वास्थ्य विभाग पांवटा डिविजन ने यमुना व गिरि नदी के तटीयकरण के लिए 245 करोड़ की डीपीआर तैयार कर केंद्रीय जल आयोग को भेजी है। इसमें 215 करोड़ की यमुना नदी व 30 करोड़ से गिरि नदी का तटीयकरण होना है। यमुना नदी का दांया भाग हिमाचल की सीमा से लगता है।

बरसात के दिनों में उफनती नदी से यमुना नदी के किनारों पर किसानों की यमुना नदी की भेंट चढ़ जाती है। यह सीमा खोदरी माजरी से शुरू होकर बहराल तक करीब 32 किमी. है। हिमाचल क्षेत्र में यमुना नदी का तटीयकरण होना है। इस क्षेत्र में खोदरी माजरी, गोजर, अडैन, मेहरूवाला, भंगानी, सिंघपुरा, मानपुर देवड़ा, रामपुर घाट, पांवटा शहर, बाता मंडी व बहराल तक कई गांव आते हैं। दूसरी ओर गिरि नदी राजबन से नवादा तक का क्षेत्र है। यहां पर भी बरसात के दिनों में गिरि नदी से भारी नुकसान किसानों को हो रहा था। अब डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद पांवटा के किसानों की भूमि कटाव के कारण नदियों की भेंट चढ़ने से जमीन बच सकेगी। पांवटा साहिब चारों तरफ से नदियों से घिरा है। यहां पर पूर्व में यमुना, गिरि व टौंस नदियां हैं, जबकि उतर में बाता नदी है। इसके अलावा कई सहायक नदियां व बरसाती नाले हैं। हर साल बरसात के दिनों में बाढ़ के कारण किसानों की सैकड़ों बीघे फसलों को भारी नुकसान हो रहा था। बाता नदी के तटीयकरण पर 35 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है, मगर अभी गिरि व यमुना नदी से बरसात में किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। अब इन नदियों का तटीयकरण होना है।

मामले पर बोले अधिकारी : इस बारे में आईपीएच पांवटा डिविजन के एसडीओ देवानंद ने बताया कि पांवटा आईपीएच डिविजन ने गिरि व यमुना नदी की कुल 245 करोड़ की डीपीआर तैयार कर केंद्रीय जल आयोग को भेजी जा गई है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद इन पर काम शुरू किया जाएगा।

इस बारे में पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि पांवटा विधानसभा क्षेत्र नदीयों से घिरा है। इन नदियों से बरसात में भूमि कटाव की समस्या होती है। इसलिए इन नदियों का तटीयकरण किया जाएगा। इससे पहले भाजपा की सरकार में बाता नदी का तटीयकरण हो चुका है। अब गिरि व यमुना नदी का तटीकरण किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर इस बार भाजपा की सरकार में ही तैयार कर भेजी गई है। इसके अलावा पांवटा विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई व पेजयल की नई स्कीमें तैयार हो रही हैं।

31 करोड़ की सिंचाई व पेजयल हो रही है तैयार

पांवटा साहिब में 13 करोड़ 43 लाख की 6 सिंचाई योजनाएं है। इसका निर्माण कार्य पूर्ण होने पर 933 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा 16 नलकूप पर 6 करोड 6 लाख खर्च होंगे। नलकूपों के माध्यम से इस क्षेत्र की 420 हेक्टयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। दो उठाऊ पेयजल योजनाओं के निर्माण पर 3 करोड़ 38 लाख खर्च होंगे। इसमें 2 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत वाली शिवा-शमयाना-रूदाना पेयजल योजना शामिल है। इसके बनने से इस क्षेत्र की पांच हजार आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। 63 लाख रुपए की लागत से किल्लौड़ पेयजल योजना निर्मित की जा रही है। इससे इस पंचायत के एक हजार आबादी लाभान्वित होगी। एक करोड़ 38 लाख रुपए की उठाऊ सिंचाई योजना किरतपुर-भगवानपुर, दो करोड़ 28 लाख रूपए की उठाऊ पेयजल योजना बांगरन-शिवपुर व 2 करोड़ 68 लाख रुपए की उठाऊ पेयजल योजना बडाणा-कलाथा पर खर्च किए जा रहे हंै।

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