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दूसरे राज्यों में ग्रुप बीमा होती है तो यहां भी 70 हजार पारा शिक्षकों का होगा
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सह राज्य परियोजना निदेशक विप्रा भाल ने कहा कि दूसरे राज्यों में पारा शिक्षकों और बीआरपी-सीआरपी कर्मियों को ग्रुप बीमा की सुविधा मिल रही है, तो यहां भी दी जाएगी। बुधवार को परियोजना की राज्य कार्यकारिणी की 50वीं बैठक हुई, जिसमें उपरोक्त बातें परियोजना निदेशक ने कही।
बैठक में विधि व वित्त विभाग और बीआरपी-सीआरपी के प्रतिनिधि शामिल हुए। निदेशक ने कहा कि दूसरे राज्य में पारा शिक्षकों व बीआरपी-सीआरपी के लिए कल्याण कोष है। ऐसी स्थिति में राज्य के पारा शिक्षकों व बीआरपी-सीआरपी के लिए कल्याण कोष गठित किया जाएगा। बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों द्वारा ईपीएफ कटौती की मांग की गई थी। इस मांग पर कहा गया कि परियोजना कार्यालय इस पर काम कर रहा है। कमेटी के सदस्यों ने सुझाव दिया कि एलआईसी और सामान्य बीमा के पदाधिकारियों से संपर्क कर बैठक आयोजित की जाए। इसमें पारा शिक्षकों और बीआरपी-सीआरपी कर्मियों के डिमांड से संबंधित संभावनाओं की जानकारी ली जाएगी। बताते चलें ग्रुप बीमा और कल्याण कोष गठित होता है तो राज्य के 70 हजार पारा शिक्षकों को लाभ मिलेगा। इधर, पारा शिक्षक सेवा समायोजन और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। 23 अप्रैल को सीएम आवास का घेराव करने के लिए राज्य के पांचों प्रमंडल से पारा शिक्षक पैदल यात्रा कर रहे हैं।
परियोजना की राज्य कार्यकारिणी की बैठक
बीआरपी-सीआरपी और पारा शिक्षकों की डिमांड पर पर हुई चर्चा