जो बच्चा साहित्य से जुड़ेगा वह कभी भ्रष्टाचारी नहीं होगा
 अाज जब कहा जा रहा है कि बच्चे साहित्य से दूर हो रहे हैं, उनके लिए ऐसे आयोजन कितना जरूरी है?
 साहित्य से ही संस्कार निकलता है। साहित्य का अर्थ है-‘स-हित’ जो हित के साथ हो। साहित्य में हित शामिल है, यदि बच्चे साहित्य से नहीं जुड़ेंगे, तो समाज के हित लिए काम नहीं कर पाएंगे। संस्कृति जो साथ-साथ क्रिएशन किया जाए- सहित कृति यानी कई लोग मिलकर कोई कार्य करें। साहित्य-संस्कृति मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देतेे हैं।
 अाज हास्य सभी पसंद कर रहे हैं?
 जब मनुष्य हंसता है, तो शरीर के सारे ऑर्गन काम करने लगते हैं। जब सारे तंत्र काम करते हैं, तो स्वास्थ्य बढ़ता है। इसीलिए हंसी को बेस्ट थेरेपी कहा गया है। जब आदमी खुश होता है, तो बीमारी जल्दी ठीक होती है, काम अच्छा करता है, अचीवमेंट भी अच्छे लाता है, इसीलिए हंसी सबसे जरूरी है जीवन में।
 देखा जा रहा है कि यूृ-ट्यूब जेनरेशन यानी युवाओं में हास्य कवि पॉपुलर हो रहे हैं, इसका कारण?
 आज कवि सम्मेलन या कविता लाइव नहीं मिल रहे हैं, जब यू-ट्यूब या अन्य माध्यमों में उन्हें लाइव देखने-सुनने का मौका मिलता है तो वे खुश होते हैं। आज देखिए कुमार विश्वास के चैनल को मिलियन में व्यूज मिल रहे हैं। वे सिर्फ कविता सुनाते हैं, लेकिन लाखों लोग उसे सुन रहे हैं। मेरी भी कविताएं 10-10 लाख दर्शक देख रहे हैं। रांची के ही प्रोग्राम को लीजिए, जिस प्रकार टेंडर हार्ट में बच्चों का उत्साह देखा, उससे मैं आशान्वित हूं कि सीनियर क्लास के तमाम बच्चे लिखना शुरू करेंगे। मेरा यह मानना है कि जो बच्चा साहित्य से जुड़ेगा, वह कभी भ्रष्टाचारी नहीं हो सकता। डिप्रेशन में नहीं जा सकता। जीवन को व्यापक ढंग से समझेगा।
 यदि कोई युवा साहित्यकार बनना चाहता है, तो क्या इसे करियर के रूप में अपनाया जा सकता है?
 आज के समय में सााहित्य को करियर के रूप में बिल्कुल अपनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए अच्छा कंटेंट लिखना होगा, साथ ही प्रस्तुतिकरण उम्दा होना चाहिए। दोनों चीजें सही हों, तो कोई शंका नहीं कि इसमें अच्छा करियर बन सकता है। मुझे ही देखिए मेरा करियर भी सिर्फ कविता है। मैं 17 अप्रैल से 1 जून तक अमेरिका में हूं। अंतरराष्ट्रीय हिंदी समिति, अमेरिका के निमंत्रण पर जा रहा हूं। वहां 24 कवि सम्मेलनों में भाग लूंगा। यह दर्शाता है कि देश ही नहीं विदेशों में भी हिंदी साहित्यकारों के लिए कितने अवसर हैं। बस आपकी लेखनी में दम होनी चाहिए। नए लेखकों से कहना चाहूंगा कि जो भी लिखें, उसे किसी सीनियर को दिखाएं। फिर उसे सुधारें।
 अाप इस जेनरेशन की पसंद हैं, आपकी पसंद के कवि कौन हैं?
 मैं जब छोटा था, तो अशोक चक्रधर से प्रभावित था। उन्हें देखता तो उनकी जैसा कवि बनना चाहता था। फिर बड़ा हुआ तो सुरेंद्र शर्मा जी अच्छे लगने लगे। उनकी कविता कहने का ढंग मुझे बहुत पसंद है। मुझे नीरज जी बहुत अच्छे लगते हैं, इसलिए मैं गीत भी लिखता हूं। उदय प्रताप सिंह की कविताएं भी बहुत पसंद है। एक व्यंग्यकार हैं मुकुल महान, उनकी छणिकाएं लुभाती हैं।
साक्षात्कार