जेवियर्स कॉलेज में इलेक्टोरल लिटरेसी पर नुक्कड़ नाटक, कहा
चुनाव नगर का हो, राज्य का या देश का, वोटिंग के दिन लगभग सभी स्कूल, कॉलेज और कार्यालयों में छुट्टी होती है। यह छुट्टी इसलिए दी जाती है कि हम अपनी सरकार चुनने में भूमिका अदा कर सकें। लेकिन इस छुट्टी को हममें से ज्यादातर लोग वेकेशन समझ लेते हैं। सोचते हैं छुट्टी है चलो कहीं घूम आएं। जबकि आपकी जिम्मेदारी निभाने की छुट्टी है। देश के नागरिक होने का कर्तव्य पूरा करने के लिए यह छुट्टी है। ये बातें संत जेवियर्स कॉलेज के पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स कह रहे थे। एक नुक्कड़ नाटक के जरिए। कोर्स के एक पार्ट के तहत इन स्टूडेंट्स ने कॉलेज के फुटबॉल ग्राउंड में इलेक्टोरल लिटरेसी पर नाटक किया। हर उम्र के मतदाता को जागरूक करने के लिए।
नाटक एक कटाक्ष से शुरू हुआ। नेता जी नेता जी, कभी तो गली में आ... नेता हर बार चुनाव के समय गली-गली जाते हैं वोट मांगने के लिए। बड़े वादे करते है। फिर पूरे साल जनता के लिए कुछ नहीं करते। ये पब्लिक है, सब जानती है...।
Electoral Literacy
चुनाव के दिन मिली छुट्टी वेकेशन नहीं, जिम्मेदारी है