पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सदर अस्पताल में फिर बायोवेस्ट में लगाई आग, बदबू से लोग परेशान

सदर अस्पताल में फिर बायोवेस्ट में लगाई आग, बदबू से लोग परेशान

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सदर अस्पताल में खुले में बायोवेस्ट जलाया जा रहा है। इससे आसपास रहनेवाले लोग परेशान हैं। करीब 4 माह से यहां बायोवेस्ट जलाया जा रहा है। 5 अप्रैल को इस संबंध में भास्कर ने खबर प्रकाशित की। इस पर सिविल सर्जन शिव शंकर हरिजन ने कहा था कि सदर अस्पताल में ऐसा नहीं होता है। अगर, हो भी रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, 6 अप्रैल को फिर वहां बायोवेस्ट फेंका गया और उसे जलाया गया। जब मौके से सिविल सर्जन से बात की गई तो बायोवेस्ट फेंकने वाले कर्मचारियों ने आग पर पानी डालना शुरू कर दिया गया। लेकिन, आग काफी दूर फैल चुकी थी। इसे बुझाने में काफी समय लगा।

गौरतलब हो कि यह बायोवेस्ट अस्पताल परिसर में ही जलाया जा रहा है, जहां आसपास मरीजों का वार्ड है। सुबह 9 बजे साफ-सफाई की निगरानी करने वाले अधिकारी से आग जलाए जाने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने उसी समय सफाई कर्मचारियों को डांटा। इसके बाद बायोवेस्ट में लगी आग को बुझाने का आदेश देने लगे। सफाई कर्मी बाल्टी से पानी लाकर आग में डालने लगे। लेकिन, वह नहीं बुझ रहा था। इसी बीच एक महिला सफाई कर्मी पॉलीबैग में कचरा लेकर आ रही थी। भीड़ और फोटो खिंचता देख वापस चली गई। सिविल सर्जन एसएस हरिजन ने जल रहे बायोवेस्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने सदर अस्पताल उपाधीक्षक एके झा काे पता लगाने और इस पर कार्रवाई करने के आदेश दिए।

थानेदार ने कहा- शिवानी देवी मामले की जांच रिपोर्ट सिटी एसपी को दे दी है, कार्रवाई होगी
जांच में आसपास के लोगों ने भी शिवानी देवी के साथ मारपीट की बात कही है
क्राइम रिपोर्टर | रांची

शिवानी देवी को उसके मंझोले बेटे मनोरंजन प्रसाद पीटते थे। बहू राधिका देवी पति का साथ देती थी। इसका खुलासा पुलिस अनुसंधान से हुआ है। मामले की जांच कर रिपोर्ट सिटी एसपी को सौंप दी गई है। जांच अधिकारी सह डेली मार्केट के थानेदार राजदेव प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि शिवानी देवी के तीन पुत्र कृपारंजन प्रसाद, मनोरंजन प्रसाद और विवेक प्रसाद हैं। तीनों का पैतृक मकान तीलू नाजिर लेन (डेली मार्केट) में है। शिवानी देवी ऊपर तल्ला पर घर बनवा रही थी। बेटा मनोरंजन प्रसाद ने सदर कोर्ट में अर्जी देकर काम बंद करवा दिया। इसी बात को लेकर शिवानी देवी के साथ मारपीट की गई। जांच में आसपास के लोगों ने भी शिवानी देवी के साथ मारपीट की बात कही है।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश में रहने वाले दोनों बेटे रांची आकर समाज की मौजूदगी में घर का बंटवारा कर लेते हैं, तो समस्या का समाधान हो जाएगा। आरोपी मनोरंजन प्रसाद का कहना है कि घर का बंटवारा हो जाए, यह उन्हें मान्य होगा। सेवा सदन अस्पताल में भर्ती बेवा शिवानी देवी का आरोप है कि वह अपने बेटे के लिए एफआईआर दर्ज कराने की खातिर थाना से लेकर सिटी एसपी तक दौड़ लगा चुकी है, पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। विवेक प्रसाद का आरोप है कि मां के करीब 36 हजार रुपये पुलिस ले चुकी है। थानेदार ने इस आरोप को गलत बताया है। डीआईजी अमोल वेणुकांत होमकर कहा कि पूरे मामले की जांच कोतवाली डीएसपी से फिर से कराई जा रही है।

बायोवेस्ट अस्पताल परिसर में ही जलाया जा रहा है, जहां आसपास मरीजों का वार्ड है। अधिकारी से आग जलाने के बारे में पूछा तो वे कर्मचारियों को डांटने लगे।

सिविल सर्जन शिव शंकर ने दिए सख्त आदेश
सिविल सर्जन एसएस हरिजन ने कहा कि अस्पताल के सभी स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार का बायोवेस्ट कचरा नहीं जलाना है। ऐसा नहीं लगता है कि अस्पताल का कोई स्टाफ आग लगाया हो। यहां पर सेक्युरिटी की दिक्कत है। कोई भी व्यक्ति आ-जा सकता है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति आग लगाकर जा सकता है। कई बार बाहर से लोेग शौच के लिए भी उधर जाते हैं। ये कैसे हुआ इसको पता कर रहे हैं।

निगम नहीं करता है बायोवेस्ट का उठाव
साफ-सफाई का निगरानी करने वाले अस्पताल के अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि नगर निगम कचड़ा लेने के लिए हमेशा नहीं आता है। बहुत दिनों तक कचड़ा का उठाव नहीं होने से कचड़ा जमा हो जा रहा है। कई बार नगर निगम को लिखकर शिकायत भी की गई है। इसके बावजूद समय पर कचड़ा का उठाव नहीं हो रहा है।

इटकी में पीपीपी मोड पर खुलंेगे मेडिकल काॅलेज और हॉस्पिटल
हेल्थ रिपोर्टर | रांची

रांची जिले के इटकी में प्रस्तावित मेडिको सिटी में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत मेडिकल काॅलेज खोला जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी संस्थाओं को आमंत्रित किया है। 100 सीट वाले मेडिकल काॅलेज में 500 बेड का मल्टी स्पेशियालिटी हॉस्पिटल होगा। मेडिकल कॉलेज के लिए संस्थाओं के चयन की प्रक्रिया मई तक पूरी कर ली जाएगी। विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में मेडिकल काॅलेज और हॉस्पिटल में 30 प्रतिशत बेड राज्य सरकार की ओर से अनुशंसित मरीजों (बीपीएल) के लिए रिजर्व होगा। इन मरीजों के इलाज का खर्च सरकार सीजीएचएस रेट पर देगी। अन्य मरीजों का इलाज यहां बाजार दर पर होगा। मेडिकल काॅलेज में 30 प्रतिशत सीटें झारखंड के छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित रहेगा। राज्य सरकार मेडिकल काॅलेज के लिए नियत राशि का भुगतान भी करेगी। इटकी सेनेटोरियम की 100 एकड़ जमीन पर मेडिको सिटी बनाया जाना है। इसके लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर लिया गया है।

5 अप्रैल को सिविल सर्जन ने कहा था- ऐसा नहीं होता है

निगम का काम नहीं है बायोवेस्ट का उठाव करना
नगर निगम अधिकारी ने बताया कि मेडिकल बायोवेस्ट नगर निगम नहीं उठाती है। इसके लिए स्वास्थ विभाग ने दूसरे कंपनी को काम दिया है, जो मेडिकल बायोवेस्ट कलेक्ट करती है।

खबरें और भी हैं...