अगर बेटी हिमोफिलिक है तो शादी के बाद जांच पर ध्यान दें
वर्ल्ड हिमोफिलिया डे पर मंगलवार को रिम्स में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि रिम्स निदेशक आरके श्रीवास्तव ने कहा कि हिमोफिलिया एक अनुवांशिक बीमारी है। अभी झारखंड में 600 लोगों को यह बीमारी है। इसका इलाज रिम्स में बेहतर ढंग से करने का प्रयास किया जाता है। ज्यादातर लोगों को इस बीमारी की जानकारी नहीं है। अगर, इसके प्रति लोग जागरूक होंगे, तो इस बीमारी को कम किया जा सकता है। हिमोफिलिया की महिला कैरियर का काम करती है। ऐसे में हिमोफिलिया मरीज की बेटी कैरियर है कि नहीं, इसकी जांच कर ही बेटी की शादी की जाए। जांच में अगर बेटी हिमोफिलिक निकलती है, तो उसके पति को इसके बारे में जागरूक कर ही बच्चे को कैसे इस बीमारी से मुक्त रखा जाए, इसके लिए काम किया जाना चाहिए। इस अवसर पर हिमोफिलिया सोसाइटी के डॉ. गोविंद सहाय, मुक्ता जायसवाल भी मौजूद थी ।