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सुअर से टकराकर गिरी बाइक ब्रेन हेमरेज से चालक की मौत

3 वर्ष पहले
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विद्यानगर, हरमू निवासी कौशल किशोर सिंह (38) की मौत मंगलवार को सड़क दुर्घटना में हो गई। हरमू पंच मंदिर के पास बाइक के सामने अचानक सुअर के आ जाने से यह दुर्घटना हुई। इस संबंध में मृतक के बड़े भाई कमल किशोर सिंह ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

प्राथमिकी में कहा है कि बाइक से घर लौटने के क्रम में रात 10.30 बजे पंचमुखी मंदिर के सामने अचानक सुअर आ जाने से कौशल का संतुलन बिगड़ गया और वह रोड पर गिर गया। हॉस्पिटल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इधर, पुलिस ने भी शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप फर्ज निभा लिया। लेकिन, शहर में घूमते आवारा जानवरों से किसी का परिवार उजड़ने पर संवेदना नहीं जागी। भास्कर के रिपोर्टर ने बुधवार को इस घटना की सच्चाई जानने के लिए हरमू बाजार के पास ठेला पर सब्जी-अंडा बेचने वालों से पूछताछ की।

बाइक से गिरते ही चालक के सिर से खून बहने लगा : अंडा बेचने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि मंगलवार को वह दुकान समेट कर घर जाने की तैयारी कर रहा था। रात करीब 11.45 बजे पल्सर मोटरसाइकिल से एक बाइक सवार तेज गति से हरमू चौक की ओर से आ रहा था। इसी दौरान हरमू बाजार की तरफ से एक सुअर रोड की तरफ आया। तेज गति से कुछ टकराने की आवाज आई और बाइक सवार रोड के एक किनारे गिर गया। कुछ लोग नजदीक जाकर देखा तो बाइक सवार के सर से खून बह रहा था। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस बाइक और युवक को लेकर चली गई।

कौशल की मौत एक संयोग हो सकता है, लेकिन यह सिस्टम पर बड़ा सवाल है। क्योंकि दो साल पहले रांची नगर निगम बोर्ड में आवारा सूअर को पकड़ने के लिए जाली खरीदने और टीम बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। आम लोगों से करोड़ों रुपए टैक्स के रूप में वसूलने वाला निगम दो साल में सूअर पकड़ने के लिए जाल नहीं खरीद पाया। आवारा पशुओं के खिलाफ कोई मुहिम शुरू नहीं हुई। इसके बावजूद उपर के ओहदे पर बैठे अधिकारी रांची को स्मार्ट सिटी बनाने का सब्जबाग दिखाने में जुटे हैं।

सेल्समैन का काम करता था कौशल

मृतक के बड़े भाई कमल किशोर ने बताया कि कौशल एक कंपनी में सेल्समैन करता था। मंगलवार को वह गुमला गया था और रात में लौट रहा था। इसी दौरान यह घटना हुई। सड़क दुर्घटना में उसके सर में गंभीर चोट लगने से ब्रेन हेमरेज हो गया। इस वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कौशल की प|ी उसे काफी देर तक फोन करती रही, लेकिन फोन बंद मिला। देर रात फोन रिसीव हुआ तो बताया गया कि अरगोड़ा थाना से बोल रहे हैं। फोन उठाने वाले ने बताया कि आपके पति का एक्सीडेंट हो गया है, रिम्स जाकर देख लीजिए। रिम्स जाने पर पता चला कि कौशल की मौत हो गई है। यह सुन कौशल की प|ी, 12 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटा का रो रोकर बूरा हाल है।

कौशल किशोर

शहर में सुअर पकड़ने के लिए जाली खरीदने की योजना थी

सुअर पकड़ने के लिए जाली खरीदने की योजना थी। जाली की खरीदारी हुई या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। गुरुवार को संबंधित पदाधिकारी से पूछ कर स्थिति स्पष्ट करूंगा। डॉ. शांतनु अग्रहरि, नगर आयुक्त, रांची नगर निगम

क्राइम रिपोर्टर | रांची

विद्यानगर, हरमू निवासी कौशल किशोर सिंह (38) की मौत मंगलवार को सड़क दुर्घटना में हो गई। हरमू पंच मंदिर के पास बाइक के सामने अचानक सुअर के आ जाने से यह दुर्घटना हुई। इस संबंध में मृतक के बड़े भाई कमल किशोर सिंह ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

प्राथमिकी में कहा है कि बाइक से घर लौटने के क्रम में रात 10.30 बजे पंचमुखी मंदिर के सामने अचानक सुअर आ जाने से कौशल का संतुलन बिगड़ गया और वह रोड पर गिर गया। हॉस्पिटल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इधर, पुलिस ने भी शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप फर्ज निभा लिया। लेकिन, शहर में घूमते आवारा जानवरों से किसी का परिवार उजड़ने पर संवेदना नहीं जागी। भास्कर के रिपोर्टर ने बुधवार को इस घटना की सच्चाई जानने के लिए हरमू बाजार के पास ठेला पर सब्जी-अंडा बेचने वालों से पूछताछ की।

बाइक से गिरते ही चालक के सिर से खून बहने लगा : अंडा बेचने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि मंगलवार को वह दुकान समेट कर घर जाने की तैयारी कर रहा था। रात करीब 11.45 बजे पल्सर मोटरसाइकिल से एक बाइक सवार तेज गति से हरमू चौक की ओर से आ रहा था। इसी दौरान हरमू बाजार की तरफ से एक सुअर रोड की तरफ आया। तेज गति से कुछ टकराने की आवाज आई और बाइक सवार रोड के एक किनारे गिर गया। कुछ लोग नजदीक जाकर देखा तो बाइक सवार के सर से खून बह रहा था। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस बाइक और युवक को लेकर चली गई।

कौशल की मौत एक संयोग हो सकता है, लेकिन यह सिस्टम पर बड़ा सवाल है। क्योंकि दो साल पहले रांची नगर निगम बोर्ड में आवारा सूअर को पकड़ने के लिए जाली खरीदने और टीम बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। आम लोगों से करोड़ों रुपए टैक्स के रूप में वसूलने वाला निगम दो साल में सूअर पकड़ने के लिए जाल नहीं खरीद पाया। आवारा पशुओं के खिलाफ कोई मुहिम शुरू नहीं हुई। इसके बावजूद उपर के ओहदे पर बैठे अधिकारी रांची को स्मार्ट सिटी बनाने का सब्जबाग दिखाने में जुटे हैं।

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