शहर के 70 हजार घरों में 24 घंटा वाटर सप्लाई के लिए एक साथ बिछेगी पाइप
राजधानी के हर घर में 24 घंटे साफ पानी पहुंचाने के लिए अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अम्रुत) योजना के तहत दो जोन में एक साथ पाइपलाइन बिछाई जाएगी। नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने फेज वन का टेंडर निकाला था, लेकिन छोटे कांट्रैक्टर के आने से उसे रद्द कर दिया गया। अब दो फेज को साथ में जोड़कर टेंडर निकाला जाएगा, ताकि बड़ी कंपनी इसमें शामिल हो।
नगर निगम चुनाव के बाद टेंडर निकाला जाएगा। फेज वन में घनी आबादी वाले क्षेत्र हरमू, किशोरगंज, मधुकम, स्वर्ण जयंती नगर, पिस्का मोड़ और अरगोड़ा का क्षेत्र शामिल है। इस क्षेत्र में 344 किलोमीटर सप्लाई पानी की पाइपलाइन बिछेगी। 14 वाटर टावर का निर्माण होगा। फेज टू के ए पार्ट में रूक्का डैम में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का जीर्णोंद्धार किया जाएगा। दो फेज में बंटे इस प्रोजेक्ट से शहर के 70 हजार घर में पानी पहुंचाने की तैयारी है। इसके बाद जोन टू के बी पार्ट में एमजी रोड के चर्च रोड, कांटा टोली वाले क्षेत्र में छुटे हुए मुहल्ले में पानी पहुंचाया जाएगा।
हरमू, इरगू टोली, कैलाश नगर, लक्ष्मी नगर, बैंक कॉलोनी और पिस्का मोड़ का क्षेत्र घनी आबादी वाला है। वाटर टावर नहीं होने से इस क्षेत्र में पानी का स्टोरेज नहीं हो पाता। इस वजह से घर में प्रेशर के साथ पानी नहीं पहुंचता। घर में पानी पहुंचाने के लिए 14 एलिवेटेड सर्विस रिजर्ववायर (ईएसआर) बनेगा। रिजर्ववायर बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से करीब 10 स्थानों पर जमीन का एनओसी मिल गया है। इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने में 2 साल से अधिक का समय लगेगा।
पाइपलाइन बिछी, फिर भी इन वजहों से घर में नहीं पहुंच रहा पानी
जोन वन में कुल 75,897 घर हैं। इसमें मात्र 13,699 घर में ही पानी का कनेक्शन है। इसमें से भी 50 प्रतिशत घर में कनेक्शन होने के बावजूद सप्लाई पानी नहीं पहुंचता। मधुकम, रातू रोड, पिस्कामोड़ क्षेत्र में पानी सप्लाई पानी आने का कोई समय निश्चित नहीं है। कभी 2 बजे रात में पानी पहुंचता है, तो कभी 5 बजे सुबह। क्योंकि, इन क्षेत्रों में पानी टंकी की संख्या सीमित है और उसमें पानी स्टोर करने की क्षमता भी काफी कम है। इस वजह से घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है।
रातू रोड-पिस्का मोड़ एरिया सबसे अधिक प्रभावित
2 इंजीनियर की लापरवाही से हर दिन 2 लाख लोग झेल रहे हैं जलसंकट
रांची | गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ ही शहर में जलसंकट बढ़ने लगा है। लोग परेशान हैं। डैम में पर्याप्त पानी होने के बाद भी शहर के लोगों को पर्याप्त व नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। यह मात्र डिविजनों में आपसी तालमेल और वितरण सिस्टम के अभाव के कारण हो रहा है। एक ही विभाग के दो इंजीनियरों में कोई तालमेल नहीं है। इससे इसका खमियाजा जनता भुगत रही है। सबसे खराब स्थिति पिस्का मोड़ और रातू रोड जोन की है, जहां पर अनियमित और आंशिक सप्लाई की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
रातू रोड जोन में करीब 50 हजार से अधिक घरों में लोगों को पर्याप्त पानीं नहीं मिल रहा है। इसके दो कारण हैं। एक तो समय तय नहीं है। दूसरा लो प्रेशर है। रातू रोड जोन को दो शिफ्ट में बांट कर सप्लाई किया जाता है। एक दिन रात में और दूसरा दिन में कभी भी। रात में सप्लाई होने से अधिकांश लोग पानी नहीं भर पाते हैं। रात में 12 बजे से सुबह 4 बजे तक कभी सप्लाई होती है। दिन में वाटर सप्लाई जब होता है, तो प्रेशर इतना कम होता है कि लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। यानी कि दोनों दिन संकट ही संकट।
इन इलाकों में हर दिन जलसंकट
रातू रोड-पिस्का मोड़ क्षेत्र की कम से कम 2 लाख आबादी पूरी तरह से हर दिन अघोषित जलसंकट झेल रहा है। रातू रोड, इंद्रपुरी, आर्यपुरी, शिवपुरी, अल्कापुरी, मेट्रो गली, पिस्का मोड़, हेसल, हेहल, दयाल नगर, लक्ष्मी नगर, मधुकम, पहाड़ी मंदिर इलाका, कुम्हार टोली, हरमू रोड, किशोरगंज, जयप्रकाश नगर और खादगढ़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में हर दिन जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेवार
कई बार बूटी डिविजन व उपर के अफसरों को यह बात कही गई है कि रातू रोड को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। गोंदा डिविजन का काम केवल बूटी से मिलने वाली का वितरण भर है। जितना पानी मिलेगा, उसी हिसाब से सप्लाई होगा। -टी चौधरी, ईई गोंदा
सभी एरिया में उसके डिमांड के अनुसार पानी भेजा जा रहा है। अगर, लोकल स्तर पर सप्लाई ठीक से नहीं हो रहा है, तो उसमें क्या किया जा सकता है। अगर, रूक्का या बूटी में कोई समस्या आती है, तभी पानी कम भेजा जाता है। लेकिन, आम दिनों में पर्याप्त पानी भेजा जाता है। -सुनील कुमार, ईई बूटी
बूटी से नहीं मिल रहा है पर्याप्त पानी : बूटी जलागार से रातू रोड जलमीनार और संप को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। बताया गया कि रातू रोड जोन के लिए हर दिन 4 एमजीडी पानी चाहिए, मगर पानी मिल रहा है सिर्फ 1 से 2 एमजीडी। अब इतने पानी में पर्याप्त मात्रा में सप्लाई करना संभव नहीं है। जलापूर्ति नहीं होने से कुम्हार टोली, पहाड़ी मंदिर इलाका, हरमू रोड और किशोरगंज के लोगों ने कहा कि अगर वाटर सप्लाई व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो सड़क जात कर दिया जाएगा।