डॉ. आंबेदकर की जयंती पर बंता बाजार में गोष्ठी
रांची | डॉ. आंबेदकर की 127वीं जयंती के अवसर पर बंता बाजार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी गणेश सिंह मुंडा की अध्यक्षता में की गई। सुनील कुमार महतो ने कहा कि वर्षों से शोषित दलित, आदिवासी और पिछड़ों को समाज की मुख्यधारा में आने व समता का अवसर भारतीय संविधान ने ही दिया है, लेकिन आजादी के 70 वर्ष बाद भी वंचित समुदाय के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व लोकतंत्र के विभिन्न स्तंभों में नहीं मिल पाया है। इस अवसर पर रामरतन सिंह मुंडा ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए तमाम आदिवासी और मूलवासियों को जाति धर्म से उठकर काम करने की जरूरत है। मौके पर लक्ष्मी नारायण महतो, निर्मल महतो, गणेश सिंह मुंडा, विजय सिंह गोंझू, करम सिंह महतो, ठाकुरदास कोईरी, दिलेश्वर मुखियार, दिगंबर मुखियार, हेमंत सिंह मुंडा, बद्रीनाथ सिंह मुंडा, अशरफ अंसारी, त्रिलोचन सिंह मुंडा व सखी परिवार के सदस्य उपस्थित थे।