कोल इंडिया में हड़ताल पर 2 यूनियनों में विवाद
कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में कोल इंडिया में 16 अप्रैल को हड़ताल बुलाई गई थी। लेकिन, शुक्रवार की देर रात कोयला मंत्रालय के सचिव के साथ वार्ता के बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस ले ली। यहीं से मान्यताप्राप्त चारों यूनियनों के बीच दो फाड़ हो गया। जानकार इसे सरकार की कूटनीतिक चाल बता रहे हैं। सीटू ने दो टूक कहा है कि हड़ताल वापस लेनेवाले नोटिस पर हमने साइन नहीं किया है। जिस कॉमर्शियल माइनिंग के मुद्दे पर हड़ताल होनी थी, वार्ता में उस पर कोई चर्चा ही नहीं हुई। इसलिए हमने तय किया है कि 16 अप्रैल को देशभर में इसके खिलाफ कॉमर्शियल माइनिंग विरोध दिवस मनाएंगे।
कोयला मंत्रालय ने शुक्रवार को ट्रेड यूनियनों के समक्ष दिल्ली में प्रस्ताव रखा था कि कॉमर्शियल माइनिग के मुद्दे पर सरकार त्रिपक्षीय कमेटी बनाएगी। इसमें ट्रेड यूनियन, कोयला मंत्रालय व कोल इंडिया से प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह कमेटी जो रिपोर्ट देगी, उसी के आलोक में अगली पहल होगी। तब तक कॉमर्शियल माइनिंग लागू नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ले ली गई।
इधर, ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) के महासचिव डीडी रामानंदन ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 13 अप्रैल को कोयला सचिव के स्तर पर हुई वार्ता के बाद हड़ताल का नोटिस देनेवाली चार यूनियनों में से दो बीएमएस और एचएमएस ने समझौते पर हस्ताक्षर कर हड़ताल वापस ले ली। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी परिस्थिति में सीटू एटक और इंटक के नेताओं से बात कर मजदूरों की एकता बनाए रखने के लिए 16 अप्रैल को हड़ताल की जगह कॉमर्शियल माइनिंग विरोध दिवस मनाएगा। उस दिन गेट मीटिंग, पिट मीटिंग, आम सभा, जुलूस, धरना, प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम होंगे।
एकता में फूट, विरोध जारी रहेगा : रमेंद्र
एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कहा कि हड़ताल को लेकर ट्रेड यूनियनों के साथी हमारे साथ में थे। नोटिस में हस्ताक्षर किया था। हड़ताल वापस करनेवाले नोटिस पर भी हस्ताक्षर कर दिया है, इसलिए हमने भी हड़ताल टाल दी। पर कॉमर्शियल माइनिग का विरोध जारी रहेगा। 16 अप्रैल को विरोध दिवस भी मनेगा।
17 को धिक्कार दिवस मनाएंगे : शुभेंदु सेन
इधर, कोल माइंस वर्कर्स यूनियन के महासचिव शुभेंदु सेन ने प्रेस बयान जारी कर जेबीसीसीआई यूनियनों द्वारा आहूत 16 अप्रैल की हड़ताल को वापस लेने की निंदा की है। कहा, यह कोयला मजदूरों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। इसके खिलाफ 17 अप्रैल को धिक्कार दिवस मनाएंगे। यह जानकारी एक्टू के सुखदेव ने दी।