वोट नहीं देने वालों में शिक्षित ज्यादा स्वच्छ सरकार चाहिए तो मतदान करें
यह चिंता का विषय है कि वोट न देने वालों में ज्यादातर संख्या पढ़े-लिखे और शिक्षित लोगों की है। युवा वर्ग भी दूरी बनाए रखते हैं। यही कारण है कि मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश के बावजूद मतदान करना जरूरी नहीं समझते। जबकि एक स्वच्छ और मजबूत सरकार का निर्माण तभी संभव है, जब मतदाता अधिक संख्या में घरों से निकलें और मतदान करें। ये बातें राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को आॅड्रे हाउस में एक सांस्कृतिक शाम मतदाताओं के नाम कार्यक्रम में कही। इसे जिला प्रशासन व पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग ने आयोजित किया। इस मौके पर दृश्य कला कार्यशाला भी हुई और कैंप लगाया गया।
राज्यपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में मतदान का बहुत महत्व है। इससे ही जनता शासन-व्यवस्था में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकती है। लेकिन विडंबना यह है कि मतदान के आैसत में लगातार कमी आ रही है।
वोटिंग से युवा वर्ग की बढ़ती दूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंतनीय : राज्यपाल
क्लासिकल डांस व गीतों से बढ़ाया जज्बा
कार्यक्रम में देशभक्ति के जज्बे से सराबोर गीत भी पेश किए गए। पूजा खंडेलवाल और जितेंद्र मिश्रा ने जब दिल दिया है, जान भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए... और देश रंगीला-रंगीला देश मेरा रंगीला...पेश किए तो जमकर तालियां बजने लगीं। संत माइकल स्कूल के छात्र धीरज कुमार ने बड़ी दूर से आए हैं, प्यार का तोहफा लाए हैं...गीत गाकर सबको झुमाया। वहीं, दिल्ली से आई मोनालिसा शुवदर्शिनी ने ओडिसी नृत्य और गार्गी मलकानी ने टीम के साथ कत्थक डांस पेश किया। कोलकाता से आए यूविक इंटरटेनमेंट ने भरतनाट्यम, राजकीय मानभूम छऊ नृत्य कला केंद्र सिल्ली के कलाकारों ने छऊ नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
प्रशासन की यह पहल सराहनीय, आगे भी जारी रखें
राज्यपाल ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है। इसलिए इसे आने वाले वर्षों में भी जारी रखा जाए। इससे पहले भारतीय लोक कल्याण संस्थान के कलाकारों ने राज्यपाल का स्वागत किया। डीसी राय महिमापत रे ने राज्यपाल को पौधा भेंट की। वहीं, ब्रजकिशोर नेत्रहीन बालिका विद्यालय के स्टूडेंट्स ने स्वागत गान पेश किया। इस मौके पर एसडीओ अंजलि यादव सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे।