झारखंड में Rs.1.47 लाख करोड़ के 2000 के नोटों की जमाखोरी
नोटबंदी के बाद रांची समेत झारखंड में करीब 1.47 लाख करोड़ रुपए के 2000 के नोटों की जमाखोरी हुई है। 2000 के नोट बैंकों और एटीएम से निकाले तो गए, लेकिन उन्हें वापस बैंकों में जमा नहीं किए गए। यह वह राशि है जो लोगों ने अपने पास रखे हैं लेकिन यह दोबारा बैंकों में वापस नहीं आई है। दरअसल नोटबंदी के बाद अचानक लोगों ने अपने घरों में छिपाकर रखे नोट निकालकर बैंकों में जमा करना शुरू किया था। इससे बैंको में तो पैसा जमा हो गया लेकिन लोगों के घरों में कैश की कमी हो गई। इस कमी को लोगों ने 2000 और 500 के नोटों से पूरा करने की कोशिश की है।
दैनिक भास्कर ने बुधवार को जब रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक, बैंक आफ इंडिया समेत कई बैंकों में जाकर छानबीन की तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बैंक अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रिजर्व बैंक से 2000 के नोट न के बराबर आ रहे हैं। दो हजार के करीब 70% नोट बाजार से गायब हैं। ये राशि ब्लैक मनी के रूप में छिपाई जा रही है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि एटीएम में पहले की अपेक्षा कम कैश डाला जा रहा है। नोटबंदी से पहले 2.97 लाख करोड़ रु. के नोट मार्केट में थे। अब 3.47 लाख करोड़ रु. के हैं। फिर भी बाजार में कैश की कमी है। इसका सबसे बड़ा कारण है नोटों का रोटेशन ना होना।
बैंक अधिकारी बोले- छोटे नोटों का कैलिब्रेशन और बैंकों के एनपीए की वजह से भी दिक्कत
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक दया शंकर ने बताया कि 2000 के नोट मार्केट में दोबारा नहीं लौटने के कारण एटीएम में पहले की अपेक्षा कम रुपए डाले जा रहे हैं। 2000 के नोट के स्लॉट खाली रह रहे हैं। एटीएम में दो से चार ट्रे हाेती हैं। अगर 2000 के नोट डाले जाते तो ज्यादा कैश मिलता, लेकिन 100, 200 और 500 के नोट ही डाले जा रहे हैं। इससे कम कैश एटीएम में रहता है। वैसे भी 40% एटीएम ही 200 के नोट के लिए कैलिब्रेट हुए हैं। अधिकतर बैंकों की एनपीए के कारण स्थिति ठीक नहीं है। नए एटीएम भी नहीं लग रहे हैं। इसलिए ऐसी दिक्कत है।
500 से छोटे नए नोटों के लिए एटीएम तैयार नहीं, इसलिए कैश कम
पलामू : कैश नहीं मिला तो लोगों ने एनएच जाम किया
पलामू के प्रखंड मुख्यालय छतरपुर में स्थित एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा व वनांचल ग्रामीण बैंक में दो दिनों से चल रहे कैश की किल्लत की वजह से लोग नाराज हो गए। उन्होंने बुधवार को एनएच-98 को एक घंटे तक जाम कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर लोगों ने जाम हटाया। एसबीआई के मैनेजर अनुकरण तिर्की ने बताया कि एक पखवाड़े से जरुरत के अनुसार रुपए नहीं मिल रहे हैं। चार-पांच दिनों से इंटरनेट लिंक भी फेल है।
रिजर्व बैंक का जवाब- करेंसी कम नहीं, जल्द होगा सुधार, लोग अनावश्यक नकद न निकालें
रिजर्व बैंक ने बुधवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि देश में करेंसी की कमी नही है। रिजर्व बैंक के वॉल्ट और करेंसी चेस्ट में पर्याप्त करेंसी है। रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों के सहयोग से बिहार और झारखंड के सभी करेंसी चेस्ट को उनकी जरूरत के अनुसार करेंसी दी जा रही है। जनता से अपील है कि अपनी जरूरत के अनुसार ही पैसा निकालें। अनावश्यक संचय न करें। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डिजिटल लेनदेन का प्रयोग करें। इससे नकदी पर अनावश्यक बोझ नहीं पड़ेगा। इतना ही नहीं देश की चार प्रेस में दिन-रात नोट छप रहे हैं, जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
स्याही खत्म होने से नासिक की करेंसी प्रेस में नोट छपने बंद
नासिक | नासिक रोड करेंसी नोट प्रेस में स्याही के अभाव में 20, 100, 200 और 500 रुपए के नोटों की छपाई ठप हो गई है। स्थानीय श्रमिक नेताओं ने ऐसा दावा किया है। वहीं रिजर्व बैंक को वित्त मंत्रालय से नोटों के नए डिजाइन समय पर नहीं मिलने से भी छपाई में देरी की जानकारी सामने आई है। नोट प्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया, अगर नई डिजाइन समय पर मिल जाती है तो छपाई शुरू हो सकती है। इस बीच, श्रमिक संघ के सचिव जगदीश गोडसे ने कहा कि स्याही का अभाव कोरी अफवाह है।