कांटाटोली फ्लाईओवर के लिए अधिग्रहीत होनेवाली जमीन पर कब्जा करने का काम 18 मई से शुरू होगा। जमीन के रैयत, लीजधारकों और वहां के दुकानदारों को एक रुपया मुआवजा दिए बिना उनकी जमीन पर रांची नगर निगम कब्जा करेगा। इसके लिए गुरुवार को उप नगर आयुक्त संजय कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी सीमा सिंह सहित जुडको के पदाधिकारियों ने जमीन का पॉजेशन लेने पहुंचे । उन्हें देखते ही गढ़ाटोली पुल के किनारे रहने वाले रैयतों ने जमीन पर पॉजेशन देने से इंकार कर दिया। रैयतों ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलता है, तब तक वे पॉजेशन नहीं देंगे। यह देख निगम के अफसरों ने जमीन मालिकों को हड़काया भी। रैयतों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुआवजा का भुगतान करने का मामला चल रहा है। जल्द सभी को पैसा मिल जाएगा, तब तक पुलिया के चौड़ीकरण का काम शुरू करना है। पर, रैयत तैयार नहीं हुए। यह देख अधिकारियों ने जबरन जमीन पर कब्जा करने का निर्देश दे दिया है। उप नगर आयुक्त ने कहा कि मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में जमीन ली जाएगी, विरोध करने वालों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया जाएगा। निगम के अधिकारियों के तेवर को देखते हुए कांट टोली के रैयत और दुकानदार भी एकजुट हो गए हैं। उन्होंने किसी भी हाल में बिना मुआवजा के जमीन देने का निर्णय लिया है।
अफसरों ने जमीन अधिग्रहण पर रैयतों से बात करनी चाही, पर वे तैयार नहीं हुए।
4.26 एकड़ जमीन ली जा रही है
कांटाटोली फ्लाईओवर के लिए कुल 60 प्लॉट की 4.26 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो रहा है। इसमें मात्र 11 रैयत ही ऐसे हैं, जिनके नाम जमीन है। 49 प्लॉट खास महाल की जमीन है, जिसका लीज 40-50 साल पहले किया गया था। जिला भू अर्जन कार्यालय ने अभी तक रैयतों को जमीन का मुआवजा नहीं दिया है। लीजधारकों को मुआवजा देने का मामला भी अभी फंसा हुआ है। क्योंकि उन्हें सिर्फ संरचना का पैसा मिलेगा। जमीन का मुआवजा देने का मामला भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के पास पेंडिंग है। दुकानदारों को भी मिलने वाला मुआवजा का प्रस्ताव आयुक्त के यहां फंसा है। इसके बावजूद जमीन पर जबरन कब्जा करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मांग भी की गई है।