कोर्ट की अवमानना के मामले में बिहार के बहादुरपुर के विधायक भोला यादव शुक्रवार को जेल जाते-जाते बाल-बाल बच गए। मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई के स्पेशल जज शिवपाल सिंह की अदालत ने उन्हें सुबह 11 बजे हिरासत में लेने का आदेश दिया। इस दौरान जज ने जेल अधीक्षक के साथ-साथ बिहार विधानसभा के अध्यक्ष के पास भी इस आदेश की प्रति भेजने का आदेश पारित कर दिया। जज ने अपने आदेश में कहा कि भोला यादव से संबंधित कोर्ट की अवमानना के अभिलेख हाईकोर्ट भेजा जाए। साथ ही जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए भोला यादव को 21 मई 2018 को झारखंड हाईकोर्ट के महानिबंधक के पास पेश किया जाए। इसके बाद भोला यादव के पटना से आए वकील चितरंजन प्रसाद ने एक घंटे तक कोर्ट से आरोपी की जमानत के लिए आरजू-विनती की, तब कोर्ट ने जमानत की सुविधा प्रदान दी।
इससे पहले कोर्ट ने खुली अदालत में एक ऑडियो सीडी लैपटॉप में डाल कर सभी को सुनाया। सीडी में चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को सजा सुनाने के बाद भोला यादव मीडिया से कोर्ट के आदेश के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। इस इंटरव्यू को एक दैनिक समाचार पत्र ने 28 मार्च 2018 को विस्तार से छापा था।
सीबीआई कोर्ट परिसर में अपने शुभचिंतकों और वकील के साथ भोला यादव।
कोर्ट ने कहा- अवमानना का आरोप बनता है, अब हाईकोर्ट में सुनवाई होगी
सुनवाई के दौरान स्पेशल जज ने भोला यादव को दो बार बोलने का मौका दिया। उन्होंने जज के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा-हुजूर, उन्होंने कभी भी किसी कोर्ट की अवमानना नहीं की है। वे लालू के मुकदमे की देखरेख में वर्ष 1996 से शामिल रहे हैं। अगर बोला भी है तो उन्हें माफ कर दिया जाए। इस पर जज ने कहा कि नेताओं का क्षमा मांगना अच्छा नहीं लगता। भोला के वकील ने कोर्ट को कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट की धारा 10 से लेकर 15 तक पढ़वाया और कहा कि इस कोर्ट को हिरासत में लेने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार हाईकोर्ट को है। इस पर कोर्ट ने कहा कि सीडी और अखबार को देखने से प्रतीत होता है कि कोर्ट की अवमानना का आरोप प्रथमदृष्टया बनता है। इस आधार पर इन्हें हिरासत में ले कर जेल भेजा जा रहा है। आगे की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी।
पटना के वकील के साथ आए थे विधायक
शुक्रवार सुबह 8 बजे भोला यादव अपने वकील पटना के चितरंजन प्रसाद के साथ अदालत में हाजिर हो गए थे। उनकी ओर से कोर्ट में स्पष्टीकरण भी दाखिल किया गया था। इसमें कहा गया था कि जो भी खबर छापी गई है, वो बातें उन्होंने नहीं कही है। उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में कोर्ट से क्षमा भी मांगी। आरोपी के वकील की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सुबह 11 बजे भोला को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया। 1 घंटे बहस और विनती के बाद कोर्ट ने एक लाख के मुचलके पर जमानत की सुविधा दी।