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प्ले स्कूलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद डेढ़ दर्जन स्कूलों ने लिया फॉर्म, 7 ने दिया आवेदन कि वे प्ले स्कूल नहीं चलाते

3 वर्ष पहले
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शहर में चलने वाले वैसे प्ले स्कूल रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं दिया है, उन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इन स्कूलों की जांच के क्रम में 88 स्कूलों के नाम भी जांच में सामने आए थे, जिन्होंने जिला समाज कल्याण कार्यालय को आवेदन देना तो दूर फॉर्म लेना भी मुनासिब नहीं समझा। इस मामले के सामने आने के बाद अब सीडीपीओ की जांच रिपोर्टर पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि, जिला समाज कल्याण कार्यालय में पांच-छह आवेदन आ चुके हैं जिनमें कहा गया है कि वे कक्षा एक से हाई स्कूल के बच्चों की पढ़ाई करा रहे हैं, उनका नाम भी प्ले स्कूल की लिस्ट में डाल दिया गया है। एक आवेदन में यह भी दावा किया गया कि उनका कोई स्कूल नहीं है, वे अपने घर में ट्यूशन पढ़ाती हैं। लेकिन उनका नाम भी लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। हालांकि, इन आवेदनों के आधार पर फिर से जांच की जाएगी।

पहले की तुलना में अब कार्रवाई के डर से ही प्ले स्कूल संचालक रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दे रहे हैं

235 स्कूलों ने फॉर्म लिया था, लेकिन उनमें से 185 ने ही जमा किया : सीडीपीओ के द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं की जांच के बाद वैसे प्ले स्कूल जिन्होंने अब तक रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म भी नहीं लिया था, उनमें से 18 ने शुक्रवार को फॉर्म लिया। इनमें से 10 स्कूल प्रबंधकों ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन भी कर दिया है। मालूम हो कि अब तक 235 स्कूलों ने फॉर्म लिया था, लेकिन उसमें से 185 ने जमा किया। 50 प्ले स्कूलों ने जमा नहीं किया था। इन स्कूलों की जांच के क्रम में 88 वैसे भी स्कूलों का मामला सामने आया जिन्होंने आवेदन के लिए फॉर्म भी नहीं लिया था।

इन स्कूलों के प्रबंधकों ने कहा-हमारा प्ले स्कूल नहीं है

1. जांच में जिसे स्वीट होम नामक प्ले स्कूल बताया गया है, उसकी संचालिका ने डीएसडब्ल्यूओ कार्यालय में आवेदन देकर कहा कि उनके यहां कोई स्कूल नहीं चल रहा है। वे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती हैं।

जो आवेदन आए हैं, उसकी फिर से जांच कराई जाएगी। हो सकता है लिस्ट बनाने में कोई मानवीय भूल हो गई हो। अगर कोई हाई स्कूल भी प्री-नर्सरी या बेबी नर्सरी नाम देकर छह साल से कम उम्र के बच्चों को पढ़ा रहे हैं, तो उन्हें भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिन्होंने आवेदन नहीं दिया है, उन्हें फाइनल नोटिस दिया जाएगा।-कंचन सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, रांची

जो भी आवेदन आए हैं, पहले उसकी जांच होगी फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी

2. बूटी मोड़ के लिटिल विंग स्कूल का नाम भी जांच लिस्ट में सामने आया था। लेकिन, उसके प्रबंधक की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि उनका प्राइमरी स्कूल है। इसलिए वे प्ले स्कूल के दायरे से बाहर हैं।

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