उत्पाद विभाग की टीम ने शुक्रवार को नगड़ी ओपी क्षेत्र के ललगुटवा स्थित बस्ती के एक घर से करीब 10 लाख की अवैध नकली विदेशी शराब जब्त की। उत्पाद विभाग की टीम ने नकली शराब तो जब्त कर ली, लेकिन शराब किसकी थी और आरोपी कहां भाग गया, इसका पता नहीं चल सका। टीम आसपास के लोगों से पूछताछ करती रही कि जिस घर में शराब रखी हुई थी, वह किसकी है, पर किसी ने कुछ नहीं बताया। छापेमारी में उत्पाद विभाग ने 200 पेटी शराब, 10 पेटी किंग गोल्ड ब्रांड, नौ पेटी टू बर्ग केन बियर और एक पेटी किक ब्रांड की शराब पकड़ी। टीम जब शराब अपने विभाग के कार्यालय में ले गई। शराब की बोतलों पर अरुणाचल प्रदेश के स्टीकर लगे हुए थे। स्टीकर में सेल इन अरुणाचल प्रदेश लिखा हुआ था। शराब नगड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करने के लिए लाई गई थी।
जब्त शराब को जांच के लिए लेबोरेट्री भेजेगा उत्पाद विभाग
उत्पाद की टीम जब्त शराब को जांच के लिए लेबोरेट्री भेजेगी। इससे यह पता चल सकेगा कि शराब असली थी या नकली। क्योंकि शराब की कई बोतलों पर सेल इन अरुणाचल प्रदेश के स्टीकर लगे हुए थे। हाल में कई जगहों से उत्पाद की टीम ने विदेशी शराब पकड़ी है, जिसमें सेल इन हरियाणा का लेबल लगा हुआ मिला था।
उत्पाद विभाग की टीम जब्त शराब के बारे में लोगों से पूछताछ की, पर कुछ पता नहीं चला।
फरवरी में होचर में पुलिस और उत्पाद विभाग ने 30 हजार लीटर महुआ शराब जब्त की थी
कांके थाना क्षेत्र के होचर में फरवरी में होली के समय कांके पुलिस और उत्पाद की टीम ने करीब 30 हजार लीटर महुआ शराब बरामद की थी। माफिया सोना राम साहू के घर में तहखाना बना हुआ था। जमीन के अंदर सिंटेक्स की 15 टंकियों में शराब भरी हुई थी। शराब का एक कुआं भी मिला था। करीब 20 वर्षों से शराब की फैक्ट्री चल रही थी। लेकिन छापेमारी के करीब तीन महीने बाद भी माफिया सोना राम साहू पुलिस गिरफ्त से बाहर है। 29 अप्रैल को डोरंडा और जगन्नाथपुर पुलिस ने हराटांड़ गांव में गंगा साव के घर में छापेमारी कर नकली देसी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। पुलिस को छापेमारी के दौरान एक तहखाना भी मिला था, जिसमें शराब का कारोबार होता था। गंगा साव ने इतना हाईटेक था कि उसने अपने घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था, ताकि जैसे ही पुलिस आए वह उन्हें देख फरार हो जाए। इसका फायदा उठाकर वह छापेमारी वाले दिन से फरार है। पुलिस उसे आजतक नहीं पकड़ सकी।