पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जो व्यक्ति दूसरों के लिए जीता है, वही जीने का सही मार्ग है

जो व्यक्ति दूसरों के लिए जीता है, वही जीने का सही मार्ग है

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वृंदावन से पधारीं कथावाचक देवी निधि सारस्वत ने कहा है कि जिस तरह जनता के द्वारा चुने गए लोग विधानसभा में बैठते हैं, वैसा ही द्वारकाधीश द्वारा चुने जाने वाले लोग ही श्रीमद् भागवत की कथा में बैठते हैं। भागवत आयोजन कराना हरि इच्छा से ही संभव है। क्योंकि, जीवन में सुख है तो दुख है, लाभ है तो हानि है। लेकिन, इस सुख-दु:ख व लाभ हानि से ऊपर उठकर जो व्यक्ति दूसरों के लिए जीता है, वही जीवन जीने का सही मार्ग है। कथा व्यक्ति को चिंता से मुक्त व चिंतन से दूर रखती है। देवी निधि सारस्वत डोरंडा स्थित श्री शिव मंदिर महावीर मंदिर धर्मशाला परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन प्रवचन दे रहीं थी। उनका साथ वृंदावन की ही कथा वाचिका देवी नेहा सारस्वत दे रही थीं। आयोजन श्री बालाजी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ आयोजन समिति ने किया है। कथावाचिकाओं ने सुखदेव, नारद और पृथ्वीलोक की कथा प्रसंग सहित समझाई। लंदन से आए इंटरनेशनल सिद्ध आश्रम शक्ति सेंटर के सनातन धर्म भूषण राजेश्वर ने कहा कि जीवन को जीने का ढंग भागवत सिखाती है। कार्यक्रम में यजमान श्री पुरुषोत्तम दास विजयवर्गीय ने परिवार सहित व्यास और भागवत पूजन किया।

कथा सुनातीं वृंदावन से पधारीं देवी निधि आैर नेहा सारस्वत।

गाय को पशु मानना पाप, यह जीवन से मृत्यु तक सेवा देती है : मनीष महाराज

रांची | श्रीभागवत सेवा समिति की ओर से आयोजित 9 दिनी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ और पंचकुंडीय महायज्ञ अब अंतिम पड़ाव पर है। चुटिया के केतारी बागान में एलए गार्डेन हाईस्कूल के मैदान में विशेष तौर पर बनाए गए कथास्थल वृंदावनधाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्त कथा का श्रवण कर रहे हैं। चंद्रपुर महाराष्ट्र से आए हुए कथावाचक मनीष भाई महाराज ने उन्होंने भक्तों को अपने अंदर श्रीकृष्ण के चरित्र को उतारने को कहा। कहा- भगवान श्रीकृष्ण ने गो को मां कहकर पुकारा है, क्योंकि ये सही में मां की तरह हमारे जीवन से लेकर मृत्यु तक मां की तरह सेवा प्रदान करती है, उन्होंने एक प्रसंग सुनाया कि जब मइया यशोदा ने कन्हैया से गो को पशु मानते हुए कुछ शब्द कहे तो श्रीकृष्ण ने यही कहा था कि यशोदा मैया, ये गो पशु नहीं, बल्कि ये भी मैया है। ये हमारी ठीक उसी प्रकार सेवा करती है, जैसे तू हमें करती है, इसलिए जो भी कन्हैया को मानता है, वह कन्हैया के इस भाव को मन में उतारें।

मां से बढ़कर संसार में कोई नहीं : पंडित शिवम

रांची | श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा हरमू रोड स्थित श्री श्याम मंदिर में आयोजित भागवत कथा में पंडित शिवम विष्णु पाठक ने मां की महिमा बताई। कहा- संसार में मां से बढ़कर दूसरा कोई नहीं हो सकता है। मां वह व्यक्तित्व है, जो केवल संतान के हित पर ही सोचती है। उसकी प्रत्येक कर्मशीलता संतान के लिए ही है।

सार्थक नीति से सफल होंगे : तात्विक ध्रुवेंद्र

रांची | पिस्का मोड़ हेसल स्थित आनंद मार्ग जागृति अाश्रम में उपयोगिता प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन सोमवार को तात्विक ध्रुवेंद्र कुमार ने नीति, नीतिवाद, नेतृत्व और सदविप्र विषय पर व्याख्यान दिया। नीति और नीतिवाद की व्याख्या के साथ आंदोलन के प्रकार और आदर्श आंदोलन की विशेषताओं से अवगत करवाया। उन्होंने नेतृत्व के गुण एवं सदविप्र की योग्यता पर भी व्यापक प्रकाश डाला। कहा कि बिना सार्थक नीति के किसी भी क्षेत्र में सफलता नहीं मिल सकती है।

पंडित शिवम।

खबरें और भी हैं...