रांची के दानिश और मंजर इमाम सहित 18 को सात साल की सजा
स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आॅफ इंडिया (सिमी) के नेता सफदर नागौरी और रांची के बरियातू निवासी दानिश रियाज व मंजर इमाम सहित संगठन के 18 सदस्यों को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। एनआईए की विशेष अदालत ने केरल के एर्नाकुलम में मंगलवार को सजा सुनाई। कोर्ट ने इन्हें केरल में 2007 में प्रतिबंधित संगठन के लिए हथियार चलाने का ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने के मामले में सोमवार को दोषी करार दिया था। जिन लोगों को सजा सुनाई गई है, इनमें केरल के सादुली, पीए शिबिली, मोहम्मद अंसारी व अब्दुल सत्ता, कर्नाटक के हाफीज हुसैन, मोहम्मद सामी बागेवादी, नदीम सईद, डॉ. एचए असदुल्ला, शकील अहमद व मिर्जा अहमद बेग, मध्यप्रदेश के आमिल परवाज व कमरुद्दीन नागौरी, उत्तर प्रदेश के मुफ्ती अब्दुल बशर, महाराष्ट्र के मोहम्मद अबू फैजल खान और गुजरात के आलम जेब अाफरीदी भी शामिल हैं।
इन सभी को जज कौसर इदाप्पतगत ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (ईएसए) की विभिन्न धाराओं और इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई। शेष पेज 11 पर
मंजर इमाम
इसी माह दानिश का जेल में 7 साल पूरा : बरियातू के जोड़ा तालाब निवासी दानिश रियाज को एनआईए ने मई 2011 में बड़ोदरा स्टेशन से गिरफ्तार किया था। वह हैदराबाद की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। इसी महीने उसका जेल में सात साल पूरा हो जाएगा। वहीं मंजर इमाम को एनआईए ने 3 मार्च 2013 को कांके से पकड़ा था। वह पांच साल से जेल में है।
दानिश रियाज