मानवीय हित में शोध की जरूरत : संजय
रांची | वन उत्पादकता संस्थान, में मंगलवार को हुए पूर्वी भारत के एक दिवसीय क्षेत्रीय अनुसंधान सम्मेलन को संबाेधित करते हुए मुख्य अतिथि पीसीसीएफ डॉ. संजय कुमार ने कहा कि शोध के कई तरीके हो सकते हैं। हमें शोध की दिशा ऐसी रखनी चाहिए जो सामान्य मानवीय हित में हो। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. एससी गैरोला ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन तथा राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के अनुसार वर्ष 2030 तक 2.5-3 बिलियन टन कार्बन फिक्स करने कि जरूरत है। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, देहरादून के उप महानिदेशक डॉ एसडी शर्मा ने बताया कि पूरे भारत में इस तरह का यह चौथा सम्मेलन है, जिसके अंतर्गत झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल तथा ओडि़शा के हितधारकों के साथ विचार विमर्श कर स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान कि आवश्यकताओं की पहचान कर राष्ट्रीय वन्य अनुसंधान योजना तैयार की जाएगी। सम्मेलन में डायरेक्टर डॉ. नितिन कुलकर्णी, समूह समन्वयक डॉ शरद तिवारी, शंभूनाथ मिश्र आदि थे।