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एसआईटी हत्याअों के एक भी आराेपियों को डेढ़ माह बाद भी नहीं ढूंढ़ पा रही है

3 वर्ष पहले
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राजधानी में हत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। लेकिन, पुलिस हत्या के आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है। हाल के दिनों में दर्जन भर से ज्यादा हत्या व गोलीकांड की घटनाएं हुई। लेकिन, कई बड़े मामलों में पुलिस न तो हत्या के आरोपियों तक पहुंच सकी और न ही मामले का खुलासा कर सकी। इन बड़े मामलों में खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एसआईटी भी गठित की। एक-एक एसआईटी में एसपी व डीएसपी सहित पांच-पांच पदाधिकारी अनुसंधान के लिए दिए गए। इसके बाद भी पुलिस इन मामलों में अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है। इधर, पुलिस के वरीय अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में अनुसंधान जारी है।

सीसीटीवी व टेक्निकल टीम के अनुसंधान पर निर्भर है पुलिस

हत्या हो या कोई अन्य कांड, अधिकांश में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल टीम के अनुसंधान पर पुरी तरह निर्भर हो गई है। पुलिस पहले जैसे अपने स्पाई के माध्यम से मामलों का खुलासा करती थी, अब वह पूरी तरह से कमजोर पड़ गया है। अब पुलिस को अगर टेक्निकल टीम सपोर्ट नहीं करें तो आरोपी पकड़ना मुश्किल हो जाएगा।

हत्या के तीन मामले जो चर्चा में रहे

केस वन : 23 मार्च को जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के ओबरिया रोड प्रगति नगर में सदर थाना क्षेत्र के तिरिल बस्ती में रहने वाली युवती की जला कर हत्या कर दी गई। शव के पास से पुलिस को तेल का जर्किन और माचिस मिला। लेकिन, पुलिस आजतक न ही हत्या की गुत्थी सुलझा सकी और न ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी। पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर उसके प्रेमी को जेल भेज दिया। मामले की अनुसंधान डीएसपी कर रहे हैं।

मारवाड़ी कॉलेज : मेंटेनेंस पर लाखों खर्च, फिर भी सीपेज

केस टू : 30 मार्च को नगड़ी थाना क्षेत्र के चेटे गांव में सुबह करीब 8.00 बजे रेलवे का काम करा रहे एसके कंस्ट्रक्शन के एक इंजीनियर सहित दो कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस आजतक इस मामले में भी एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। हत्या की वजह से कंपनी ने उस क्षेत्र में काम भी बंद कर दिया। मामले का अनुसंधान ग्रामीण एसपी, डीएसपी सहित तीन थानों के थानेदार कर रहे हैं।

केस थ्री : आठ अप्रैल को पुंदाग बस्ती से गायब मारवाड़ी कॉलेज की छात्रा अफसाना परवीन का जला हुआ शव लोहरदगा के कैरो में मिला। छात्रा कैसे लोहरदगा पहुंची और उसकी किसने जलाकर हत्या की पुलिस को घटना के एक महीने के बाद भी पता नहीं चल सका। मामले का अनुसंधान एसआईटी में लोहरदगा एसपी, हटिया डीएसपी सहित तीन थानेदार कर रहे है।

प्रिंसिपल की शिकायत के तीन दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

एजुकेशन रिपोर्टर | रांची

मारवाड़ी कॉलेज की बिल्डिंग की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है। इसके मेंटेनेंस पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी बारिस शुरू होते ही बिल्डिंग सीपेज होने लगता है। प्रिंसिपल डॉ. एएन ओझा से मिलकर छात्र आजसू के सदस्यों ने इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। छात्र आजसू के जमाल गद्दी ने कहा कि पानी सीपेज होने के कारण क्लासरूम के फर्श पर पानी पसरा हुआ है। इससे स्टूडेंट्स की परेशानी बढ़ गई है। इस समस्या का तत्काल निराकरण नहीं किया जाता है, तो बरसात में स्थिति और भी भयावह हो जाएगी। छात्रों की समस्या सुनने के बाद प्रिंसिपल ने कहा कि इस समस्या का शीघ्र निराकरण कर लिया जाएगा। तीन दिन बीत जाने के बाद भी कॉलेज प्रबंधन द्वारा कदम नहीं उठाया गया है। छात्र आजसू के सदस्यों ने नाराजगी जताई है। कहा है कि छात्रों के हित पर कॉलेज प्रबंधन का ध्यान नहीं रहता है। दो दिनों के अंदर इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो प्रिंसिपल का घेराव किया जाएगा।

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