रांची | 28-29 और 30 सितंबर को खेलगांव में आयोजित होनेवाले \\\"लोक मंथन - 2018\\\" की सफलता के लिए मंगलवार को निवारणपुर स्थित कार्यालय में हुई बैठक में अधिकाधिक लोगों को इस तीन दिवसीय आयोजन से जोड़ने की रणनीति बनी। निर्णय हुआ कि विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, विद्यालयों एवं बौद्धिक संगठनों के साथ मिलकर फिल्म शो, डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन, श्रव्य दृश्य कार्यक्रम, प्रदर्शनी एवं सिंपोजियम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए बेतार केंद्र, निवारणपुर में स्थापित लोक-मंथन कार्यालय से सभी प्रारंभिक गतिविधियां संचालित होंगी। इसके लिए कार्यक्रमों का एक कैलेंडर बनाकर अलग-अलग समितियों को दायित्व सौंपा गया। लोक मंथन के संयोजक राजीव कमल बिट्टू ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम से पूर्व एक सार्थक रचनात्मक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से रांची सहित झारखंड के कई शहरों में नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, थिएटर, व्याख्यानमाला, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि आयोजित होंगे। इस बार के लोक मंथन का थीम \\\"भारत बोध जन-गण-मन\\\" रखा गया है। लोक-मंथन में विशेषकर कला- संस्कृति, लोक-भाषा के विभिन्न अवयवों पर व्यापक विमर्श होगा।