राज्य खाद्य निगम से लेकर प्रखंड कार्यालय से जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने वाली एजेंसियों पर जिला प्रशासन शिकंजा कसने की तैयारी में है। दरअसल, कई एजेंसियां समय से डीलर तक खाद्य सामग्री नहीं पहुंचाती, जिस कारण लाभुकों को भी समय से अनाज नहीं मिल रहा है। ऐसे में जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने एजेंसियों को समय से डीलर तक सामग्री पहुंचाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रत्येक माह की सात तारीख को डीलर तक राशन सामग्री पहुंचा दिया जाए। इसमें विफल रहने पर डोर स्टेप डिलीवरी करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें काली सूची में भी डाला जाएगा।
हटिया-राउरकेला रेलखंड पर ट्रेनों की 100 किमी की स्पीड बढ़ी
डीवी स्टार | रांची
ट्रेनों का समय पर परिचालन और स्पीड बढ़ाने के लिए जोरशोर से रेलवे में ट्रैक मेंटनेंस का काम चल रहा है। जहां पर रेल पटरी बदलने की जरूरत है, उसे बदला जा रहा है। सेफ्टी को देखते हुए रांची रेल डिविजन के कई सेक्शनों में स्पीड बढ़ाई गई है। अब रेलवे हटिया-राउरकेला रेलखंड के (अराग तक) 125 किमी ट्रैक मेंटेनेंस का काम पूरा कर लिया गया है। इस रेलखंड पर 40 किमी न्यू रेल पटरी बिछाई गई है। पहले ट्रेन का स्पीड 95 किमी प्रतिघंटे थी, जिसे बढ़ाकर 100 किमी प्रतिघंटे कर दिया गया। लगातार छह माह से ब्लॉक लिया जा रहा था और मेजर मेंटेनेंस का काम चल रहा था, जिसे पूरा कर लिया गया है। अब इस सेक्शन में चलने वाली 26 (अप एंड डाउन) पैसेंजर ट्रेन और 20 मालगाड़ी ट्रेनों का समय पर परिचालन होगा। क्योंकि, पिछले कई महीनों से इस सेक्शन में ट्रेनों के विलंब से चलने का कारण मेंटेनेंस माना जा रहा है।
26 पैसेंजर ट्रेनों की स्पीड सेफ्टी को देखते हुए 95 से 100 किमी प्रतिघंटा बढ़ाई गई
110 किमी स्पीड करने के लिए प्रपोजल जीएम कार्यालय को भेजा गया
हटिया-राउरकेला रेलखंड पर न्यू रेल पटरी बिछाई गई है। अब रेलवे इस सेक्शन में और स्पीड बढ़ाने का प्रपोजल दक्षिण-पूर्व रेलवे मुख्यालय भेजा है। इस सेक्शन में स्पीड 110 किमी की स्पीड होगी, जिससे ट्रेनों का रफ्तार बढ़ेगा और समय पर ट्रेनों का परिचालन होगा। इस रेलखंड पर पैसेेंजर ट्रेन और मालगाड़ी मिलाकर 46 ट्रेनों का आवागमन हो रहा है।
सर्च अभियान के तहत रिम्स में भरती मांडर की पुरो उराइन को दिया गया राशन कार्ड
52 केजी की जगह 60 केजी का स्लीपर लगाया गया : इस रेलखंड पर लोड कैरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए 52 केजी की जगह 60 केजी का स्लीपर लगाया गया है, जिस पर आसानी से ट्रेनों का परिचालन होगा।
40 किमी रेल पटरी बिछाई गई है। स्पीड 95 से 100 किमी प्रतिघंटा किया गया है। अब 110 किमी प्रतिघंटे का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। -अजीत सिंह यादव, एडीआरएम, इंफ्रा
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत चल रहे सर्च अभियान के तहत शुक्रवार को मांडर की पुरो उराइन को अंत्योदय कार्ड दिया गया। यह वृद्ध महिला अभी रिम्स में भर्ती है। ठीक से बोल भी नहीं पाती। राशन कार्ड नहीं रहने पर रिम्स में उसका नि:शुल्क इलाज करने में परेशानी हो रही थी। इसकी सूचना मांडर के जिला परिषद सदस्य सुनील उरांव को मिली। उन्होंने डीएसओ से संपर्क किया। पुरो उराइन के बारे में बताया कि वह अत्यंत गरीब है। डीएसओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी प्रक्रियाएं पूरी की और राशन कार्ड बना दिया। राशन कार्ड मरीज पुरो को उसके बेड पर जाकर जिला परिषद सदस्य सुनील उरांव ने दिया।
माह की 1 तारीख से उठाव शुरू करने की कवायद
खाद्य आपूर्ति विभाग के निर्देश के बाद सप्लाई चेन प्रबंधन को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है। विभाग के निर्देश के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने राज्य खाद्य निगम को जिले के जरूरत की खाद्यान एक माह पहले ही एफसीआई से खरीदने को कहा है। खरीदी गई राशन सामग्री को 25 तारीख तक प्रखंडों के गोदामों में पहुंचा दिया जाए। जहां से एक तारीख से अनाज डीलरों के पास पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा। कई गोदामों में सहायक गोदाम प्रबंधक नहीं है। ऐसे गोदामों में एक सेवानिवृत्त एजीएम को दो-दो गोदाम का प्रभार देकर काम लिया जा रहा है। इन गोदामों से डीलरों तक 10 तारीख तक राशन पहुंचाने की छूट दी गई है। डीएसओ के अनुसार, कई प्रखंडों में नए गोदाम बन गए हैं। ऐसे में भंडारण की समस्या अब नहीं है।
समय से राशन सामग्री अगर डीलरों तक नहीं पहुंचती है तो लाभुकों को भी अनाज नहीं मिलता। कई बार इस तरह की शिकायतें आती हैं। इसलिए, सप्लाई चेन सिस्टम को दुरुस्त करने का निर्देश विभाग ने दिया है। अब अगर सामग्री पहुंचाने वाली तय समय में डीलर तक राशन सामग्री नहीं पहुंचाएगी तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र प्रसाद गुप्ता, डीएसओ, रांची
हटिया स्टेशन पर लगा बॉयो टॉयलेट का डेमो
डीवी स्टार | रांची
हटिया स्टेशन पर बॉयो टॉयलेट का डेमाे लगाया गया है, जिसके तहत रेलवे यात्रियों में जागरूक करेगा कि बॉयो टॉयलेट को कैसे उपयोग करना है। टॉयलेट में यात्रियों द्वारा प्लास्टिक का खाली बोतल, गुटखा का पाउच, नैपकिन सहित अन्य सामग्री टॉयलेट में फेंक देते है, जिस वजह से बॉयो टॉयलेट जाम हो जाता है। बॉयो टॉयलेट की उपयोगिता के बारे में भी बताया जाएगा। इस मामले में एडीआरएम विजय कुमार ने कहा कि बॉयो टॉयलेट का डेमो रांची सहित अन्य स्टेशनों पर लगाया जाएगा, जहां से ट्रेनों का ज्यादा आवागमन हो रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि यात्रियों को यह बताया जाएगा कि बॉयो टॉयलेट का कैसे उपयोग किया जाता है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी देना है।