पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ग्राम समितियों का गठन गलत निर्णय वापस हो : नरेगा वाच

ग्राम समितियों का गठन गलत निर्णय वापस हो : नरेगा वाच

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
झारखंड सरकार ने राज्य की सभी अनुसूचित गावों में आदिवासी विकास समिति और गैर-अनुसूचित गावों में ग्राम विकास समिति के माध्यम से पांच लाख रुपए तक की योजनाओं जैसे पोखर, कुआं आदि के चयन और कार्यान्वयन का निर्णय लिया है। इनमें पारंपरिक प्रधान और मुखिया आमंत्रित सदस्य होंगे। इन समितियों का गठन पंचायत सेवक द्वारा आम सभा के माध्यम से किया जाना है। समितियों का प्रशासनिक व वित्तीय नियंत्रण प्रखंड विकास पदाधिकारी के अधीन होगा। यह नीति पेसा कानून और झारखंड पंचायती राज अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। झारखंड नरेगा वॉच ने इसका विरोध किया है। कहा है कि सरकार तुरंत इस निर्णय को वापस ले और सरकार ग्राम पंचायतों को सशक्त करने में एवं मनरेगा मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करने पर अपना ध्यान केन्द्रित रखे।

नरेगा वॉच की ओर से सोमवार को बयान जारी कर कहा गया है कि इस नीति को साकार करने के लिए हाल में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने मनरेगा का कार्यान्वयन ग्राम पंचायतों के बजाय इन समितियों के माध्यम से करवाने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा है और मनरेगा अधिनियम में संशोधन की बात कही है। यह मनरेगा के क़ानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है।

खबरें और भी हैं...