झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की मैट्रिक व इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है। ग्रीष्मावकाश की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को परीक्षकों द्वारा मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया गया। इस कारण विभिन्न केंद्रों पर परीक्षकों ने करीब दो से तीन घंटे तक मूल्यांकन ठप रहा। इस क्रम में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। इनका कहना था कि स्कूलों में ग्रीष्मावकाश 21 मई से शुरू हो रहा है। शिक्षक मूल्यांकन में लगे हैं। ऐसे में ग्रीष्मावकाश बढ़ाया जाए। केंद्र निदेशक ने मामले की जानकारी डीईओ रतन कुमार महाबर को दी। इसके बाद डीईओ ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से बात बस्तु स्थिति से अवगत कराया। निदेशक ने डीईओ कहा कि शिक्षक मूल्यांकन कार्य करे, समुचित निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद परीक्षक मूल्यांकन कार्य करने लगे।
दूसरे सेंटर पर मूल्यांकन कार्य बाधित करने पहुंचे शिक्षक
परीक्षक अपने केंद्र से निकल कर दूसरे मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचकर मूल्यांकन परीक्षकों को मूल्यांकन करने से मना कर रहे थे। बालकृष्णा प्लस टू उवि पहुंचे। लेकिन प्राचार्या दिव्या सिंह के सख्ती के कारण परीक्षकों को निराश लौटना पड़ा। प्रिंसिपल ने कहा कि जैक और डीइओ द्वारा मूल्यांकन कराने का निर्देश मिला है। इस कारण बालकृष्णा में मूल्यांकन कार्य बाधित नहीं रहा। लेकिन सेंट पॉल में परीक्षकों ने पूरे दिन मूल्यांकन का बहिष्कार किया। इधर मारवाड़ी प्लस टू उवि, जिला स्कूल, सेंट अन्ना, सेंट मारग्रेट सहित अन्य केंद्रों पर दो घंटों के लिए बाधित रहा।
क्षतिपूरक अवकाश मिलेगा : माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर कहा है कि ग्रीष्मावकाश की वृद्धि से छात्रों के हित पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। मूल्यांकन कार्य में वास्तविक कार्य करने वाले शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश के दौरान मूल्यांकन कार्य करने की अवधि के समतुल्य क्षतिपूरक अवकाश मिलेगा। शिक्षकों को इसका प्रमाण संबंधित जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी, मूल्यांकन केंद्र के प्रभारी एवं जैक सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से निर्गत करवाकर लाना होगा।
30 कॉपियों की बाध्यता खत्म : जैक द्वारा प्रत्येक परीक्षक के लिए एक दिन में अधिकतम 30 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने के लिए निर्देश दिया था। लेकिन बुधवार को झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव यशवंत विजय ने बताया कि 30 उत्तर पुस्तिका जांच करने की बाध्यता समाप्त कर दी गई। अब कॉपियों की जांच करने की सीमा नहीं है। ऐसे में मूल्यांकन में क्वालिटी नहीं रहेगा। जैक से इस निर्णय को छात्रहित में वापस लेने का आग्रह किया है।