उत्तर-पूर्वी भारत में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट सोमवार को कोलकाता के निजी अस्पताल फोर्टिस में किया गया। जिस मरीज दिलचंद सिंह को यह ट्रांसप्लांट किया गया, वह झारखंड के देवघर जिले का है। दिलचंद कार्डियोमियोपैथी से गंभीर रूप से पीड़ित थे। हार्ट प्रत्यारोपण के बाद दिलचंद सिंह फिलहाल अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट में है तथा सर्जरी के बाद डॉक्टर उसकी शारीरिक स्थिति को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। फोर्टिस अस्पताल के कम्यूनिकेशन हेड अजेय महाराज ने बताया कि तकनीकी कारणों से मरीज का डिटेल नहीं दिया जा रहा है। वे 2017 से नेशनल ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (नॉटो) से रजिस्टर्ड हैं।
उत्तर-पूर्वी भारत का पहला ट्रांसप्लांट, 30 डॉक्टरों की टीम ने फोर्टिस अस्पताल में की सर्जरी
ग्रीन कॉरिडोर की मदद से पहुंचाया अस्पताल
सोमवार की सुबह दानकर्ता के हृदय को बेंगलुरू से कोलकाता लाया गया। फिर इसे ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से एयरपोर्ट से ईएम बाईपास स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचाकर मरीज की जान बचा ली गई। दोनों शहरों के बीच दूरी करीब 1900 किलोमीटर है। कोलकाता एयरपोर्ट से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल तक हृदय लाया गया। एयरपोर्ट से अस्पताल तक की 18 किमी की दूरी को ग्रीन कॉरिडोर से मात्र 18 मिनट में तय कर लिया गया।
ब्रेन डेड होने पर युवक का दिल किया था डोनेट : सड़क दुर्घटना में बेंगलुरु के वरुण बीके (21) की मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे शनिवार को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इसके बाद मृतक के परिजनों ने हार्ट डोनेशन की इच्छा जताई थी। इसके बाद दिलचंद सिंह को हार्ट ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया गया।