केंद्र सरकार आईएएस-आईपीएस सहित अखिल भारतीय सेवा के अन्य कैडरों की नियुक्ति व कैडर बंटवारे के नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर केंद्रीय कार्मिक प्रशिक्षण एवं लोक मंत्रालय को कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। राज्य और संबंधित प्राधिकारों से सर्विस रूल पर रिपोर्ट मांगने का सिलसिला शुरु हो गया है।
सिविल सेवा के लिए यूपीएससी द्वारा ली जानेवाली मुख्य परीक्षा के अंक में 3 महीने के फाउंडेशन कोर्स के अंक को जोड़ कर आईएएस, आईपीएस सहित अन्य अखिल भारतीय सेवा संवर्ग व कैडर निर्धारण का विचार किया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय कार्मिक प्रशिक्षण एवं लोक शिकायत मंत्रालय के संयुक्त सचिव विजय कुमार सिंह ने कई प्राधिकारों को 18 मई 2018 को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की सर्विस रूल की समीक्षा कर रिपोर्ट की मांग की है। इस मुद्दे पर राज्यों एवं संबंधित विभागों से भी मंतव्य की मांग की गई है। हालांकि इस संबंध में राज्य के अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) केके खंडेलवाल ने कहा है कि अभी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। लेकिन केंद्र के कई प्राधिकारों को इस आशय का पत्र मिला है।
नियम बदलने से पैरवी
का नया प्वाइंट बनेगा
अब मुख्य परीक्षा के साथ 3 महीने के फाउंडेशन कोर्स में प्राप्त अंक को जोड़ कर कैडर का निर्धारण किए जाने पर पैरवी का नया प्वाइंट बनने की आशंका हो रही है। फाउंडेशन कोर्स 600 अंक का होता है। इसमें 450 अंक की लिखित परीक्षा होती है। 150 अंक फाउंडेशन कोर्स करानेवाले अकादमी के संचालक द्वारा दिया जाता है। आशंका है कि 600 नंबर में पैरवी का जुगाड़ तंत्र हो सकता है। इससे यूपीएससी की सिविल सेवा में कम लानेवाला अभ्यर्थी अगर फाउंडेशन कोर्स में ज्यादा मार्क्स प्राप्त कर लेता है तो वह आईपीएस की जगह आईएएस संवर्ग में जा सकता है।